जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम व ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेषन ट्रस्ट प्रदेश में खनिज खोज कार्य हेतु आधारभूत संसाधन विकसित करने में वित्तीय, तकनीकी एवं मार्गदर्शीय सहयोग प्रदान करेगी।
एसीएस डॉ. अग्रवाल मंगलवार को सचिवालय में आरएसएमईटी की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरएसएमईटी के सहयोग से पहले चरण में कोटा जिले की निमाना, बारां जिले की ओंगाड-मझौला शाहबाद, जोधपुर की बिलाड़ा तहसील की भगासनी ब्लॉक ए में लाईमस्टोन व झुन्झुनूं की उदयपुरवाटी तहसील की करोंत की ढ़ाणीमें आयरन ओ व अजमेर की पीसांगन तहसील के सरसड़ी में गारनेट के भण्डारों की खोज का कार्य करवाया जाएगा।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खनिज खोज कार्य को गति देने और आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराने के लिए आरएसएमईटी का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खनिज खोज को गति देने के लिए आवश्यक ड्रिलिंग मशीनों क प्रस्ताव भी माइंस विभाग से मांगे गए हैं ताकि इस कोष से आधुनिकतम तकनीक की ड्रिलिंग मशीन आदि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने आरएसएमईटी के कार्यों को गति देने और आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त कर तीन माह में एक बार मीटिंग करने के निर्देश दिए।
उपसचिव माइंस राजेन्द्र शेखर मक्कड ने आरएसएमईटी के गठन और प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गठन के उद्देश्यों को पूरा करने केे लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बैठक में नई मशीनों की खरीद, माइंस विभाग की प्रयोगशाला के सषक्तिकरण, नए खोज प्रस्ताव एक माह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त निदेशक जियोलोजी जयपुर एनपी सिंह और एसईजी आलोक जैन ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। ओएसडी सुनील वर्मा ने भी हिस्सा लिया। बैठक में जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, राजस्थान माइंस एवं मिनरल, एमईसीएल, आईबीएम व माइंस विभाग के प्रतिनिधियों ने वीसी के माध्यम से वर्चुअली हिस्सा लिया।
