Headlines

पेट्रोलियम क्षेत्र में फरवरी माह तक 3601 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित,गए साल से दो गुणा अधिक राजस्व जमा-एसीएस डॉ. अग्रवाल

जयपुर। राज्य के पेट्रोलियम सेक्टर से चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक 3601 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया गया है जो गए साल की इसी अवधि की तुलना में 1947 करोड़ 22 लाख रुपए अधिक है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम व एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि गए साल की तुलना में इस साल फरवरी तक दो गुणे से भी अधिक राजस्व अर्जित किया जा चुका है। गत वर्ष फरवरी माह तक 1653 करोड़ 85 लाख रु. का राजस्व अर्जित किया गया था।

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम व एनर्जी बुधवार को सचिवालय में पेट्रोलियम विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ओसतन एक लाख 13 हजार बैरल प्रतिदिन से एक लाख 14 हजार बैरल प्रतिदिन खनिज तेल का उत्पादन किया जा रहा हैं। पेट्रोलियम सेक्टर से राजस्व बढ़ाने के समग्र प्रयासों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल के भावों में तेजी राजस्व बढ़ोतरी का कारण रही है। उन्होंने बताया कि इस साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की औसत कीमत 72.6 डॉलर प्रति बेरल तक रही है।

खान एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने पेट्रोलियम सेक्टर में भी राजस्व बढ़ोतरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि विभाग के समग्र व समन्वित प्रयासों का ही परिणाम है इस साल खान विभाग की तरह ही पेट्रोलियम सेक्टर से भी राजस्व राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोलियम और गैस के विपुल भण्डार है। राज्य में 14 जिलों के डेढ़ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चार पेट्रोलियम बेसिन फैले हए हैं। बाड़मेर-सांचोर बेसिन, जैसलमेर बेसिन, बीकानेर-नागौर बेसिन में बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरु व विंध्यान बेसिन में कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा और चित्तोडगढ़ जिले का कुछ हिस्सा शामिल है। उन्होंने बताया कि बाड़मेर बेसिन में क्रूड ऑयल के उत्पादन को बनाए रखने के लिए एनहांस्ड ऑयल रिकवरी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान पूरे वित्तीय वर्ष में 1904 करोड़ 79 लाख का राजस्व अर्जित किया गया था जबकि इस वर्ष फरवरी माह तक ही 3601 करोड़ सात लाख रु. का राजस्व अर्जित किया जा चुका है।
निदेशक पेट्रोलियम ओम प्रकाश कसेरा ने बताया कि हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एण्ड लाइसेंसिंग पालिसी के तहत प्रदेश में बाड़मेर-सांचोर, जैसलमेर और बीकानेर-नागौर बेसिन में क्रूड ऑयल एवं प्राकृतिक गैस की खोज और विकास के लिए ओएनजीसी, ऑयल इंडिया लिमिटेड, केयर्न-वेदांता लिमिटेड को 15 पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस और 1 डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड्स पीएमएल ब्लॉक आवंटित किया हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *