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वेणुगोपाल की राजस्थान यात्रा के और भी है कई मायने…

जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल की जयपुर यात्रा गहलोत-पायलट गुट में चल रही खींचतान मिटाने, जल्द मंत्रिमंडल विस्तार के साथ और कुछ है मायने। राजस्थान प्रभारी अजय माकन की कुछ गुस्ताखियों की वजह से भी वेणुगोपाल को आना पड़ रहा हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने आपको माकन की और से आलाकमान बताने से नाराज बताएं।

पंजाब में नवजोतसिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद माकन ने जो रिट्वीट किया जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह के साथ अशोक गहलोत को इंगित करते हुए कहा गया था कि मुख्यमंत्री बनते ही यह समझ लेते हैं कि उनकी वजह से ही पार्टी जीती। हार जाते थे तो दोष राहुल पर, जीत का सेहरा खुद के माथे! सिद्धू को बनाकर नेतृत्व ने सही किया। ताकत बताना जरूरी था।

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माकन ने एक पत्रकार के ट्वीट को रिट्वीट कर जो संदेश देने की कोशिश की। ये रिट्वीट राजनीतिक हलको में खूब वायरल हुआ। इस तल्खी भरे रिट्वीट से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाराज होना स्वभाविक था। हालांकि, माकन शाम तक गहलोत को लेकर की गई इस गुस्ताखी को भांप गए थे। शाम को सिद्धू की नियुक्ति पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बधाई वाला ट्वीट आया तो उसको भी उन्होंने रिट्वीट कर अपनी गलती सुधारने की कोशिश की। दो दिन पूर्व मीडिया पर पड़े छापे पर जब मुख्यमंत्री का ट्वीट आया तो माकन ने अलग से ट्वीट कर सबसे पहले ट्वीट करने पर बधाई और धन्यवाद के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा की उसको देख साफ हो गया कि माकन ने पहले रिट्वीट कर गलत छाते में हाथ डाल दिया था।

यहीं कारण है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे की बात मनाने केसी वेणुगोपाल को आना पड़ रहा हैं। यह दीगर बात है कि वेणुगोपाल भी पायलट खेमे की शिकायतों के निस्तारण के लिए बनी कमेटी के सदस्य हैं। अहमद पटेल के निधन के बाद माकन व वेणुगोपाल कमेटी के दो सदस्य रह गए। राजस्थान में अब कांग्रेस हाईकमान जल्द मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठनात्मक नियुक्तियों का काम खत्म करने की कवायद में है। वेणुगोपाल की यात्रा इसी मिशन को लेकर हैं।

वेणुगोपाल पर सारा दारोमदार

जहां तक राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सवाल है वे भी जल्द से जल्द इन मसलों को सुलटा देना चाहते हैं। माकन की जयपुर यात्रा के दौरान काफी कुछ हद तक इस बारे में तय भी हो गया था,लेकिन रिट्वीट ने नया बखेड़ा कर दिया। सूत्रों की माने तो राजस्थान प्रभारी माकन की बार-बार मीडिया आदि में तारीखे देने आदि से प्रदेश में बने वातावरण को लेकर पहले ही मुख्यमंत्री खफा थे। रिट्वीट ने आग में घी का सा काम किया। अब वेणुगोपाल से होने वाली चर्चाओं में क्या निकलकर आता हैं उस पर सारा दारोमदार हैं।

मंत्रिमण्डल विस्तार की सही तारीख तो मुख्यमंत्री देंगे

जहां तक मंत्रिमण्डल विस्तार की मीडिया के माध्यम से जो तिथि आ रही है वह कयास मात्र है। सही तारीख तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजभवन को सूचित करेंगे वो होगी। वेणुगोपाल की यात्रा को लेकर भी केवल सूचना मात्र हैं। वे कितने बजे आएंगे और उनके साथ माकन भी आएंगे या नहीं। इस बारे में माकन के निकटवर्ती सूत्रों का कहना है कि वे सड़क मार्ग से जयपुर जा सकते हैं। रात्रि 9 बजे के आसपास मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात का कार्यक्रम माना जा रहा हैं।

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