जयपुर। कांग्रेस की सियासी जंग दिनभर तो शांत रही,लेकिन शाम होते-होते फिर रंगत पर आ गई। पायलट गुट से आज पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह के साथ विधायक वेद प्रकाश सोलंकी व इन्द्राज गुर्जर ने मोर्चा खोला और कहा कि मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। हम कार्यकर्ताओं की आवाज उठा रहे हैं।
बोर्ड,निगम या मंत्री पद के लिए सौदेबाजी के आरोप गलत
गहलोत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- कैबिनेट, बोर्ड और निगम में पदों के लिए सौदेबाजी करने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। सचिन पायलट और हम सभी राजस्थान में ग्रासरूट स्तर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मान और स्वाभिमान के लिए प्रयासरत हैं। जिन लोगों ने 2014 के बाद वसुंधरा राजे और मोदी की भाजपा सरकारों के कोप का डटकर मुकाबला किया, जिन कार्यकर्ताओं ने 2013 में जब कांग्रेस की अब तक की सबसे बुरी हार हुई, जिसमें 200 में से केवल 21 सीटें मिलीं, उस दौर में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए अपना खून पसीना बहाया, उन्हें अब मान सम्मान मिलना चाहिए। अब पार्टी सत्ता में है।
आलाकमान पर भरोसा
शेखावत ने कहा- राजनीतिक नियुक्तियां उन लोगों को दी जानी चाहिए जिन्होंने पोलिंग बूथों पर कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए जीतोड़ मेहनत की। उन चुनिंदा रिटायर्ड नौकरशाहों को नहीं निजी वफादारी पूरी तिरह अस्थायी है। हमें ऐसे सभी मुद्दों के समाधान के लिए आलाकमान पर पूरा भरोसा है। हमें उम्मीद है आलाकमान इनका समाधान निकालेगा।
मुख्य मुद्दों से भटकाने का षडय़ंत्र
कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा- गद्दार, वफादार, गैर वफादार वाले बयान दिलवाकर हमारे मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश की जा रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कौन गद्दार हैं और कौन वफादार यह सब जानते हैं लेकिन इनकी आड़ में मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की साजिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी। दो दिन से हमारे मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने की साजिश की जा रही है।
माकन से मिले पायलट, आलाकमान से मिलने का समय ही नहीं मांगा
सोलंकी ने दिल्ली से सचिन पायलट के खाली हाथ लौट आने पर कहा कि प्रदेश प्रभारी अजय माकन से बात हुई है। पायलट ने हाईकमान से मिलने का वक्त ही नहीं मांगा था तो कैसे मिलते। हमारे किसी साथी ने आलाकमान से मिलने का अब तक समय नहीं मांगा। हमारी मुख्य मांग यही है कि जिन कार्यकर्ताओं ने खून पसीना बहाया उन्हें राजनीतिक नियुक्तियां मिले।
हम बोले तब स्थानीय निकायों में नियुक्ति हुई है
हमारे बोलने से राजनीतिक नियुक्तियां होना शुरू हुई हैं, कम से कम कांग्रेस कार्यकर्ताओं का तो भला हुआ है। कार्यकर्ताओं को लगना चाहिए कि राज बदला है। सोलंकी ने सीधे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निशाने पर लेते हुए तंज कसा कि आप कार्यकर्ता को नियुक्ति दीजिए हमने तो आपको कलियुग का भगवान मान रखा है।
अफसरों को नियुक्ति देने में कोरोना आड़े नहीं आया- इन्द्राज
इधर, कांग्रेस विधायक इंद्राज गुर्जर बोले- सरकार बने ढाई साल हो गए, जिन कार्यकर्ताओं ने मेहनत की और जिनकी मेहनत की वजह से सरकार बनी, उन्हें सरकार ने ढाई साल में नहीं पूछा। राजनीतिक नियुक्तियों के लिए कोरोना का बहाना ले आए, रिटायर्ड अफसरों को नियुक्तियां देते वक्त कोरोना कहां चला गया था।
