जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केन्द्र की मोदी सरकार पर कड़े प्रहार करते हुए कहा कि देश में हिटलर शाही शासन चल रहा है। अपनी ही पार्टी में अपने लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। हमारे यहां 25 सांसद है लेकिन किसी भी सांसद की हिम्मत नहीं है मोदी जी को कोई सुझाव दे सके। गडकरी जी ने सुझाव दिया था, अगले ही दिन उन्हें माफी मांगनी पड़ गई। इससे बड़ा हिटलर शाही कोई हो नहीं सकता है। इससे बड़ा लोकतंत्र का अपमान नहीं हो सकता है।
केन्द्र में बैठे नेता तक घुुटन महसूस कर रहे हैं
डोटासरा ने पं. जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंलि कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इतने बड़े नेता केंद्र में बैठे इतनी घुटन महसूस कर रहे हैं कि लावा कब फूट जाए, कब ज्वालामुखी बन जाए किसी को पता नहीं। आज चुनाव आयोग की क्या दशा कर रखी है। अन्य संस्थाओं के बारे में आप देख लीजिए। सभी संवैधानिक संस्थाओं को समाप्त करने का षड्यंत्र चल रहा है।

प्रधानमंत्री जी मौन क्यों हैं
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश त्रासदी में है। पूरा देश ये महसूस कर रहा है कि हमारा भविष्य क्या होगा। हम जीएंगे या नहीं जीएंगे। हमें वैक्सीन मिलेगी या नहीं। हमारे बच्चों के भविष्य का क्या होगा। लेकिन देश के प्रधानमंत्री बिल्कुल चुप है। राज्यों को अपने हाल पर छोड़ दिया।
ये स्थितियां क्यों पैदा हुई
ग्लोबल टेंडर का जिक्र करते हुए डोटासरा बोले- जिन विदेशी कंपनियों ने हमारे देश से निर्मित माल लिया हुआ है उसी के चार-चार, पंाच-पांच गुना पैसे मांग रही है और राज्य सरकारों को कह रही है कि हम छह महीने में देंगे, 12 महीने में देंगे, दो साल में देंगे। तो ये स्थितियां क्यों पैदा हुई।
नेहरू ने देश को बनाया और ये नष्ट करने में लगे हैं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दूसरी तरफ पं. नेहरू की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप समझ सकते हैं कि एक ऐसा नेता जो नौ बार जेल गया उसने देश का कायाकल्प कर दिया। एक ढांचें को पूरी तरह से संवैधानिक संस्थाओं के साथ जमाकर, चाहे धर्मनिरपेक्षता की बात हो, चाहे संप्रभुता की बात हो, सहिष्णुता की बात हो। एक तरह से पूरे देश में सबको एक साथ लेकर चलने वाले देश भारत का निर्माण किया था। उनकी आत्मा आज देख रही है कि ऐसे लोगों ने सत्ता पर काबिज हो गए दिल्ली में, जो वर्षों से बनाई गई हमारे देश की छवि, बरसों से बनाई हमारी संस्थाएं है, बरसों से बनाया गया जो हमारा भाईचारा है सभी कोमों का उसे नष्ट करने पर तूल हुए है।
इन्हें बच्चों की भी परवाह नहीं
डोटासरा ने आरोप लगाया कि केन्द्र में बैठे नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ना इन्हें बच्चों की परवाह है ना उनकी पढ़ाई की परवाह है। आज अगर प्रधानमंत्री नेहरू जी हायर एजुकेशन कमीशन नहीं बनाते तो क्या हम शिक्षा के इस स्तर पर आज हम यहां होते। इन सात सालों में नरेंद्र मोदी जी ने ऐसा क्या कमाल किया जिसकी वजह से हमारी छवि देश की बढ़ी हो।
प्रधानमंत्री की इमेज प्रचार मंत्री की
उन्होंने विदेश नीति और अमेरिका के चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि अमेरिका जाकर के वहां अबकी बार ट्रंप सरकार। ये कोई प्रचारक थोड़े ही है अमेरीका के। ये कभी भी हमारे देश की प्रधानमंत्री की या हमारी विदेश नीति का कभी पार्ट नहीं रहा है कि पिछले 70 साल में कि हम किसी एक को बंद करके दूसरे से संबंध खत्म कर दे।
आज चाइना की जो स्थिति है हम अखबारों में पढ़ रहे थे कि किस तरह के खतरे हमारे देश पर मंडरा रहे हैं। उसके बारे में मोदीजी एक शब्द नहीं बोल रहे हैं। केवल मात्र विपक्ष की खिल्ली उड़ाना, विपक्ष की किसी बात को नहीं मानना, अपनी पार्टी के लोगों की नहीं सुनना। अपनी इमेज के लिए केवल काम करना और साम, दाम दंड भेद से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को गिराना। आज प्रधानमंत्री की इमेज केवल प्रचार मंत्री के रूप में रह गई है।
पेट्रोल-डीजल से बढ़ी मंहगाई और कोरोना महामारी
पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बेतहाशा बढ़ोत्तरी का जिक्र करते हुए डोटासरा ने कहा कि पेट्रोल 100 के पार चला गया और डीजल जो प्रीमियम है 97 रुपए कुछ पैसे है, तो आप समझ सकते हैं कि 100 रुपए एक दो दिन में छूने वाला है। यहीं देश के प्रधानमंत्री बनने से पहले मोदीजी, रामदेव जी और अन्ना हजारे जी या इनके सहयोगी लोग सड़कों पर प्रदर्शन करते थे, स्मृति ईरानी जी सिलेंडर लेकर सड़कों पर बैठी रहती थी। आज कहा गए वे लोग। इसके चलते महंगाई की मार हर वस्तु पर पड़ रही है और दूसरी तरफ से ये कोरोना महामारी। देश के लोग इतने खफा है कि शब्दों में बयां नहीं किए जा सकते है।
सोशल मीडिया पर अभियान चलाएगी कांग्रेस
सोशल मीडिया के ऊपर भी कैसे रोक लगाई जाए, इसमें केन्द्र सरकार लगी हुई है ताकि हकीकत बाहर नहीं आ पाए। डोटासरा ने घोषणा की कि इसके खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जाएगा जिसमें महंगाई पर अंकुश लगाने तथा पेट्रोल-डीजल के भाव घटाने की मांग की जाएगी।
