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पायलट खेमे के अच्छे दिन आने वाले हैं… सुलह कमेटी की रिपोर्ट पर काम शुरू

जयपुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे के अच्छे दिन आने वाले हैं। पायलट समर्थकों की मांगों पर विचार करने के लिए बनी सुलह कमेटी ने अपनी सिफारिशें हाईकमान को सौंप दी बताई। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रभारी अजय माकन की कमेटी ने मांगों और सुझावों को सुनने के बाद ये रिपोर्ट दी बताई। उसके अनुसार काम भी शुरू हो गया बताया।

इस खबर को देखते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही सचिन पायलट के समर्थकों को सत्ता और संगठन में भागीदारी मिल जाएगी। पंजाब का मसला पायलट खेमे के लिए अलग से बोनस में है,क्योंकि जिस प्रकार कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमररिन्दर सिंह की परवाह किए बिना जो फैसला किया है उसने पायलट खेमे की अड़चन का रास्ता खोल दिया।

अगस्त के दूसरे सप्ताह तक काफी कुछ होने की उम्मीद

जानकार सूत्रों की माने तो पायलट कैंप से सुलह के तय मुद्दों पर कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर काम शुरू हो गया है। संगठन में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर माकन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा को 26 जुलाई की डेड लाइन दे ही चुके हैं। जहां तक सरकार में राजनैतिक नियुक्तियों और मंत्रिमण्डल विस्तार का सवाल है उसके बारे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे से भी अगस्त के दूसरे सप्ताह तक ये मनोनयन व नियुक्तियां कर देने के संकेत आ रहे हैं।

पाायलट ने भी कल दिए थे इसके संकेत

सचिन पायलट ने भी कल पत्रकारों से बातचीत में सुलह कमेटी की सिफारिशों पर कहा- कमेटी ने बैठकें की है, हमने जो बातें और सुझाव रखे थे। वे 2023 में फिर से सरकार बनाने की रणनीति से जुड़े थे। जिन पार्टी कार्यकर्ताओं के खून पसीने से सरकार बनी है उन्हें पद भले न मिले, लेकिन सम्मान मिले। उम्मीद है इन बातों पर एक्शन होगा। पायलट का इशारा साफ था कि अब उनकी मांगों पर आलाकमान फैसला लेती नजर आ रही हैं।

पायलट खेमे में एकाएक हलचल तेज

राजस्थान के प्रभारी महामंत्री अजय माकन के रिट्वीट में भी ये ही संदेश छुपा हुआ था कि अब आलाकमान ज्यादा दिन चुप बैठने वाला नहीं हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जो ट्वीट आया वह भी सकारात्मक संदेश देने वाला था। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पायलट के चेहरे पर भी जो मुस्कान थीं वह ये बता रही थी कि कुछ ना कुछ उनके हित में होने वाला है। इस बीच जिस प्रकार से कल पायलट से समर्थक विधायकों की मुलाकातों का सिलसिला चला उससे भी प्रदेश में राजनैतिक हलचल के संकेत मिले। कल वेदप्रकाश सोलंकी के अलावा हरीश मीणा, पीआर मीणा, इन्द्राज गुर्जर आदि कई विधायक पायलट के सरकारी निवास पर मंत्रणा करने आएं।

कांग्रेस सत्ता-संगठन में मिलेगी जगह

मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठनात्मक नियुक्तियों पर जल्द काम शुरू करने की संभावना है। पायलट कैंप लंबे समय से इनकी मांग कर रहा है। अब जल्द इस बारे में फैसला होने के आसार हैं। इसमें जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यान रखने को भी कहा गया है।

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