जयपुर : राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने चेतावनी दी है कि अब बीजेपी का कोई भी बड़ा नेता केन्द्र से राजस्थान में आएगा, तो उसका ऐसा घेराव किया जाएगा कि याद रखेगा। अपना बर्थडे सेलीब्रेट करने परिवार के साथ सवाईमाधोपुर के रणथम्भौर आईं प्रियंका गांधी के होटल के बाहर बीजेपी सांसद डॉ. किरोड़़ीलाल मीणा के विरोध प्रदर्शन से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने नाराजगी जताई। अलवर की मूक-बधिर नाबालिग से गैंगरेप के विरोध में गुरूवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ डॉ किरोड़ीलाल और बीजेपी ने विरोध प्रदर्शन किया। जिस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। डॉ. किरोड़ीलाल ने प्रियंका गांधी पर यूपी की जनता से झूठ बोलने के आरोप लगाए। साथ ही ‘लड़की हूँ,लड़ सकती हूँ’ नारे को लेकर टारगेट किया। जिससे कांग्रेस पार्टी यूपी-पंजाब समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक तौर पर बैकफुट पर आई है।
राजस्थान की परम्परा को तार-तार किया- डोटासरा
डोटासरा ने मांग रखी है कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां सांसद किरोड़ीलाल मीणा को पार्टी से बर्खास्त करें। उन्होंने आरोप लगाया कि किरोड़ीलाल ने राजस्थान की परम्परा तार-तार की है। परिवार के साथ आईं मेहमान प्रियंका गांधी से मिसबिहेव किया है। डोटासरा ने कहा डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने राजस्थान की परम्परा अतिथि देवो भव: का अपमान किया है। ओछा हथकण्डा अपनाकर प्रियंका को होटल में ज्ञापन देने और नारे लगाने की कोशिश की है। इसलिए कांग्रेस पार्टी किरोड़ीलाल के काम की घोर निन्दा करती है।
राजनीतिक रोटियां सेकना घृणित कार्य
डोटासरा ने कहा बीजेपी यूपी, पंजाब समेत 5 राज्यों में चुनावी फायदा लेने के लिए ही ओछे हथकण्डे अपना रही है। लेकिन इससे कोई फायदा बीजेपी को नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम ने जिस तरह पंजाब में नौटंकी करने का काम किया। उसकी सच्चाई भी सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश के सामने ला दी है। आरोप है कि केन्द्र ने पहले से मन बना रखा है कि हमें पंजाब सरकार के खिलाफ रिपोर्ट देनी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी को खुदके हाथ में ले लिया है। डोटासरा ने अलवर की घटना को दुर्भायपूर्ण बताते हुए कहा इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले भी इस तरह के का मामला अलवर में हुआ था। तब सरकार ने तुरंत दोषियों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा था। इस बार भी घटना के दोषियों को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। लेकिन राजनीतिक रोटियां सेकना उस घटना से भी ज्यादा घृणित है।
