जयपुर। कर्नाटक के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार भले ही इसे अपनी निजी यात्रा बताएं पर केवल जयपुर आकर भी केवल सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात करें यह निजी यात्रा की सच्चाई को झुठलाती नजर आती हैं। शिवकुमार कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश लेकर नहीं आए उसके उलट वे गहलोत का संदेश आलाकमान व अन्य नेताओं तक पहुँचायेंगे यानी डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और आलाकमान के बीच पैदा हुए ताज़ा गतिरोध को समाप्त करने में मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे।
चौथे बड़े नेता का जयपुर आना, कुछ तो गड़बड़ है
एक सप्ताह में गांधी परिवार के नजदीकी चौथे नेता का आना यह दर्शाता है कि गतिरोध गहरा है। पिछले सप्ताह कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल गहलोत से मिले। वेणुगोपाल के बाद अजय माकन ने मुलाकात की। रविवार को कुमारी शैलजा और अब डीके शिवकुमार मिलने आए हैं। चारों नेता गांधी परिवार के विश्वासपात्र हैं। इसीलिए लगातार मुलाकातों को किसी गतिरोध को सुलझाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
यह बताया गतिरोध का कारण
मंत्रिमंडल फेरबदल और पायलट कैंप के विधायकों को जगह देने के फॉर्मूले को लेकर गहलोत असहमत बताए जा रहे हैं। उस पर सर्वसम्मति बनाने की कवायद की जा रही है।
डीके संकटमोचक की भूमिका में
डीके शिवकुमार संकटमोचक की भूमिका में आए हैं। गहलोत कांग्रेस के प्रभारी रहे हैं। गुजरात के कांग्रेस विधायकों को जब बेंगलुरु ले जाया गया था तब गहलोत ने ही डीके शिवकुमार के फार्म हाउस में इन्हें रखा था। दक्षिण के बड़े व्यवसायी शिवकुमार के बेटे की शादी में भी शामिल होने गहलोत गए थे।
मजबूत रिश्तों की डोर खींच लाई जयपुर
इन्ही मजबूत रिश्तों की डोर ही शिवकुमार को बंगलुरू से सीधे दिल्ली जाने के स्थान पर जयपुर खींच लाई। देखना यह हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मंत्रणा के बाद शिवकुमार क्या सुलह फार्मूला लेकर कांग्रेस आलाकमान के पास जाते हैं और आलाकमान का इस पर क्या रुख रहता है उस पर सबकी नजर टिकी हुई है।
सचिन का दिल्ली में डेरा
उधर सचिन पायलट अजय माकन की विधायकों के साथ रायशुमारी से पहले ही दिल्ली चले गए थे। तब से पायलट दिल्ली में ही हैं। पायलट दिल्ली में सियासी मुलाकातों में जुटे हैं।
मीडिया से बोले- मैसेंजर बनकर नहीं आया
कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने उनके जयपुर दौरे को लेकर लगाए जा रहे सभी कयासों को सिर से खारिज करने की कोशिश की और एयरपोर्ट पर मीडिया से कहा कि यह उनका पर्सनल दौरा है और कोई पॉलिटिकल एजेंडा नहीं है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनकी निजी मुलाकात है और इसका कर्नाटक, राजस्थान या राष्ट्रीय राजनीति से कोई वास्ता नहीं है। आपको बता दे कि दो दिन पहले ही हरियाणा पीसीसी चीफ कुमारी शैलजा भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करने जयपुर आईं थी, शैलजा ने भी इसे निजी दौरा ही बताया था। Read More: शैलजा के बाद डीके शिवकुमार के दौरे से राजनैतिक सरगर्मियां तेज
सियासी हलकों में हलचल फिर तेज़
दोनों की इन यात्राओं के सियासी हलकों में कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। इन्हें संभावित मंत्रिमंडल पुनर्गठन और सियासी नियुक्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है। डीके शिवकुमार शाम दिल्ली लौट जाएंगे और कल वहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान से भी डीके शिवकुमार की मुलाकात हो सकती है।



