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Koo App पर CM अशोक गहलोत की एंट्री, 3 दिन में जुड़े 27 हजार फॉलोवर्स

सीएम गहलोत

जयपुर : भारत सरकार और माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) के बीच तनातनी का फायदा स्वदेशी माइक्रोब्लॉगिंग साइट Koo को हो रहा है। कई बड़े नेताओं के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी Koo App पर अपना ऑफिशियल अकाउंट बना लिया है। अब आम लोग Koo App पर भी @gehlotashok के जरिए मुख्यमंत्री से जुड़ सकते हैं।

Koo App के फाउंडर ए. राधाकृष्णनन ने भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का स्वागत किया और मारवाड़ी में सम्बोधित करते हुए कहा पधारो सा पधारो

 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से पत्रकारिता दिवस पर शुभकामनाओं के साथ पहला ट्वीट किया गया। इस देसी एप्प पर जुड़ने के साथ ही 3 दिनों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 27000 के लगभग फॉलोवर हो गए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय हैं।

उनके ट्विटर हैंडल पर करीब 3 मिलियन तो फेसबुक पेज पर 31 लाख से ज्यादा लोग उन्हें फॉलो करते हैं। चाहे सरकारी योजनाएं हो या केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना या फिर कोविड को लेकर रोजाना होने वाली बैठकों के बारे में जनता को अपडेट करना मुख्यमंत्री के ट्विटर और फेसबुक पर लगातार पोस्ट देखी जा सकती है।

जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करना है मकसद

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सोशल मीडिया प्लेटफार्म की रणनीति की जिम्मेदारी संभालने वाले सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा ने बताया की सीएम का ‘koo एप’ पर जुड़ने का मकसद ट्विटर और भारत सरकार के बीच विवाद नहीं है। बल्कि हर उस सोशल मीडिया पर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करना है, जहां बड़ी संख्या में लोग एक्टिव हैं।

लोकेश शर्मा ने यह भी कहा कि koo एप्प की सबसे अच्छी बात है कि देशी सर्वर का उपयोग करता है साथ ही यहां अधिक से अधिक हिंदी भाषा का भी उपयोग होता है। ये सही है कि पिछले कुछ दिनों में इस देशी एप पर जुड़ने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां तक की देश के कई मंत्री, नेता, अभिनेता भी इस नए प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ते जा रहे हैं।

जानिए किसने शुरू किया Koo App

Twitter के देशी विकल्प Koo App को बेंगलुरु के रहने वाले एंटरप्रेन्योर ए. राधाकृष्णनन और मयंक बिडवाटका ने बनाया है।इससे पहले राधाकृष्णनन ने ऑनलाइन कैब सर्विस टैक्सी फॉर श्योर (Taxy For Sure) की भी शुरुआत की थी, जिसे उन्होंने बाद में ओला (OLA) को बेच दिया था और आज यह ओला कैब्स (OLA CABS) के नाम से मशहूर है। Koo App से पहले इसकी पेरेंट कंपनी बॉम्बिनेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने Quora का भी भारतीय विकल्प Vocal App बनाया था।

कैसे बढ़ी Koo App की लोकप्रियता

Koo App को 2020 की शुरुआत में ही शुरू कर दिया गया था, लेकिन यह चर्चा में तब आई जब इसने आत्मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज को जीता। यह चैलेंज जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो शो ‘मन की बात’ में भी Koo App को लेकर चर्चा की थी।

आप भी आ सकते हैं Koo App पर

Koo App बिल्कुल मुफ्त है, इसे आप गूगल प्ले स्टोर (Google App Store) और ऐप्पल स्टोर (Apple store) से भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसे डाउनलोड करने के लिए आप Koo सर्च कीजिए, इसके बाद आपको ‘Koo: Connect With Indians In Indian Languages’ दिखेगा। डाउनलोड करने से पहले आप देख लें कि इसे बॉम्बिनेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ही डेवलप किया गया हो।

Koo App पर लोगो का आना हुआ तेज

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब से भारत सरकार और ट्विटर के बीच का विवाद सार्वजनिक हुआ है। तब से Koo एप पर लोगों का आना तेज हो गया है। पिछले दो से तीन दिनों में हर रोज एक लाख से अधिक नए लोग Koo एप को डाउनलोड कर रहे हैं, जबकि कुल डाउनलोड की संख्या तीस लाख को पार कर गई है। कुछ दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ऐलान किया था कि वो अब Koo एप पर हैं। अब उनके अलावा भी कई बड़े नाम इस देसी एप से जुड़ गए हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा, बॉलीवुड स्टार अनुपम खेर, कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के अलावा कई बड़े नाम इस ऐप पर मौजूद है। साथ ही भारत सरकार के कई बड़े मंत्रालय और अधिकारियों ने भी अब इस ऐप को ही चुना है।

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