जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना एवं 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के फ्री वैक्सीनेशन का शुभारम्भ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनता को भी संबोधित किया. मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि आज ही चिरंजीवी बीमा योजना का शुभारंभ हुआ। कोरोना के बढ़ते केसेस को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत ने चिंता जताई और भावुकता के साथ बोले कि अगर संख्या बढ़ेगी तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे। इलाज हम करेंगे लेकिन संख्या को रोकना जनता का काम है। सात करोड़ जनता तक ना कोई मंत्री पहुंच सकता है, ना विधायक पहुंच सकता है ना सरकार पहुंच सकती है। किसी के पास इसका कोई इलाज नहीं है। केवल लोगों के हाथ में इसका इलाज है। मैं अगर पूरा बजट भी इसमें झोंक दूं तो इसके लिए भी तैयार हूं। सरकार के कामों और व्यवस्था के बावजूद कोई मरे यह मुझे सहन नहीं होगा।
जनता मास्क लगाए,सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे :
मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदेशवासियों से मार्मिक अपील की और कहा कोरोना का इलाज सरकार नहीं जनता के पास है। कोरोना महामारी की चेन तोड़ने में सरकार की मदद करें। सरकार मेडिकल संसाधनों में कोई कमी नहीं रखेगी. राज्य का पूरा बजट इसके लिए खर्च करना पड़े तो मुझे मंजूर है. लेकिन आप मास्क लगाए,सोशल डिस्टेंसिंग रखने का कठोरता से पालन करे।
सोशल सिक्योरिटी सिस्टम को लागू करने का वक्त:
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि देश में गरीबी अमीरी का भेद बढ़ता जा रहा हैं। सोशल सिक्योरिटी सिस्टम को लागू करने का वक्त आ गया हैं। विकसित देशों में इस तरह की व्यवस्था होती है हमने भी उसी तरह शुरुआत की। कोरोना ने लोगों की गरीबी को और बढ़ा दिया। राहुल गांधी ने कांग्रेस के मेनिफेस्टो में न्याय योजना तो शामिल किया था। जिसमें 72000 गरीब व्यक्ति को सालाना मिलने की योजना थी। देश में इस तरह योजना की जरूरत है। सभी से मेरी अपील है कि नागरिक इस चिरंजीवी योजना से जुड़े। आज का दिन राजस्थान के लिए ऐतिहासिक दिन है।
राज्य में बेड बढ़ा दिए हैं लेकिन ऑक्सीजन कहां से लाएंगे:
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा मैं चाहता था कि हमारे जनप्रतिनिधि इस योजना की जिला और ब्लॉक स्तर पर भी इस योजना की लॉन्चिंग करते, लेकिन तो कोविड की वजह से यह नहीं हो पाया। केंद्र और राज्यों की हाथ में कुछ भी नहीं है। सब कोशिश कर लेंगे लेकिन ऑक्सीजन कहां से लाएंगे। हम सबको मिलकर कोरोना की चैन को तोड़ना होगा। जब तक आंकड़े कम नहीं हो, तब तक हम रात-दिन एक करके लोगों का जीवन बचाने का काम करें। किसी एक व्यक्ति की जिंदगी चली जाती है तो उसके परिवार पर क्या बीतती है आप सोचिए।
केंद्र सरकार ने मेरी बात को नहीं माना:
वैक्सीनेशन को लेकर सीएम गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने मेरी बात को नहीं माना। 100 साल के इतिहास में जितने भी वैक्सीन मिली है, देश में जनता को फ्री मिली है। आज मैंने फिर एक बार ट्वीट करके प्रधानमंत्री से आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी विधायकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि इस बार मैंने जो विधायकों के कोष में तीन करोड़ की राशि बढ़ाई है। सभी इसे वैक्सीनेशन फंड के लिए डोनेट करें।
