जयपुर : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुंद्रा अडानी पोर्ट पर 3000 किलो हेरोईन पकड़ने के मामले की सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग उठाते हुए नेशनल इंवेस्टिगिटव एजेंसी (NIA) पर गंभीर आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि NIA वह एजेंसी है, जिसने भाजपा से संबंधित आरोपियों को बरी कराया है।
जहां जांच एजेंसी का लक्ष्य अपराधियों को जेल भिजवाने का होता है, वहां मोदी-शाह सरकार में उन सबको बरी करवा दिया गया जो आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। अजमेर दरगाह के बम ब्लास्ट, मक्का मस्जिद केस, समझौता ब्लास्ट, मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी बरी हो गए। हमें इसीलिए NIA पर भरोसा नहीं है। वहां वही वकील लगाए जाते हैं जो अपराधियों को सजा दिलवाने की जगह उन्हें बरी करवाने के लिए बहस करते हैं। दिग्विजय सिंह शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
MP के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुंद्रा पोर्ट पर मिली 3000 किलो हेरोइन के मामले की जांच NIA से करवाने की जगह सुप्रीम कोर्ट के जज से करवानी चाहिए, जज को भी वह कमेटी नियुक्त करे जिसमें नेता प्रतिपक्ष और चीफ जस्टिस शामिल हों। 13 सितंबर 2021 को मुंद्रा पोर्ट पर हेरोइन की खेप पकड़ी गई थी। बड़ी मात्रा में पकड़ी गई इस खेप की कीमत एक लाख करोड़ से ज्यादा है।
पहली बार आशी ट्रेडिंग कम्पनी के सेमिका ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से अफगानिस्तान और ईरान होते हुए 21 हजार करोड़ का ड्रग आया। उससे पहले भी 1 लाख 75 हज़ार करोड़ का ड्रग आया। देश मे हेरोइन का कारोबार 5 से 10 लाख करोड़ का हो सकता है। मंबई में 200 या 300 ग्राम गांजा मिला तो फिल्म जगत के लोगों को जेल भेजा, उनके खिलाफ बड़ा केस बनाया गया। यहाँ 3000 किलो हीरोइन मिली है पर किसी पे कोई कारवाई नहीं की गई।
राजनीतिक विरोधियों पर ही ED की छापेमारी
दिग्विजय सिंह ने कहा- मोदी राज में राजनीतिक विरोधियों पर ED और IT छापेमारी कर रहा है, जबकि अगर कोई भाजपा में शामिल हो जाए तो मुक्ति मिल जाती है। ड्रग पैडलिंग के 13 मामलों में भाजपा नेताओं की भागीदारी रही है। क्या भाजपा के इन 13 नेताओं के खिलाफ NDPS एक्ट में कार्रवाई होगी। राजस्थान के लोग जानते है कि NDPS एक्ट कितना खतरनाक है। अमित शाह का पहला दायित्व ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई का होना चाहिए। ड्रग पैडलिंग तो आतंकियों से भी खतरनाक है।
नोटबंदी पर SIT ने आज तक कोई रिपोर्ट नहीं दी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि नोटबंदी मोदी राज में सबसे बड़ा घोटाला है। नोटबन्दी से फेक करेंसी ओर आतंकवाद खत्म करने के दावे करते थे। अगर ईमानदारी से काले धन को रोकने के लिए नोटबंदी की थी तो देश में करेंसी 17 लाख करोड़ से बढ़कर 26.7 लाख करोड़ कैसे हुई। सबसे ज्यादा नए करेंसी नोट गुजरात के कोऑपरेटिव बैंक में गए जिनपर अमित शाह का कब्जा है। स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने आज तक 7 साल में कोई रिपोर्ट नहीं दी है।
