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शुभ घड़ी आई : मंत्रिमण्डल, राजनैतिक और संगठन में नियुक्तियां शीघ्र होने की उम्मीद

जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमण्डल फेरबदल की शुभघड़ी आ चुकी हैं। बस ! तारीख का ऐलान होना बाकी हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष चाहेगी, वहीं होगा कहकर अब तक बनी असमजस्य की स्थिति का रास्ता साफ कर दिया।

जानकार सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन वेणुगोपाल ने पहुंच पूरी बात को संभाल लिया। माकन को लेकर सीएम के मन में उपजी खटास को भी काफी हद तक दूर किया गया हैं। इसी उत्साह से लबरेज हो 28-29 को राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने अपना राजस्थान दौरा तय किया हैंं। इस दौरे के दौरान विधायकों जयपुर में रहने को कहा गया है उसे मंत्रिमण्डल फेरबदल के इशारे के रूप में भी देखा जा रहा हैं।

पायलट को आत्म विश्वास

सूत्रों के अनुसार जयपुर दौरे पर आए वेणुगोपाल व माकन की पूर्व उपमुख्यमंत्री से वन टू वन भले ही नहीं हुई हो पर उन्हें भी संभवत: इशारा मिल गया कि उनकी मांगों पर निर्णय अब जल्द होने जा रहा हैं। तभी पायलट ने टोंक में बड़े ही आत्म विश्वास के साथ कहा कि जो होगा वह अच्छा ही होगा।

यह हो सकता है फेरबदल में

सूत्रों की माने तो मंत्रिमण्डल फेरबदल में 6 से 7 मंंत्रियों की परर्फोेमेंस के आधार पर छुट्टी की जा सकती हैंं। पायलट गुट को भी 3 से 4 मंत्री मिल सकते हैं। पायलट की उनके कोटे से पूर्व में बने मंत्रियों को हटाने की मांग को नही माना गया हैं। कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का 5 अगस्त को विदेश दौरा प्रस्तावित हैं। उसे देखते हुए लगता है कि मंत्रिमण्डल फेरबदल शीघ्र हो जाएगा। एक व्यक्ति एक पद पर विचार हुआ तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं शिक्षा राज्य मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा को एक पद छोडऩा पड़ सकता हैं।

जरूरी राजनैतिक नियुक्तियां पहले होगी

जहां तक अन्य राजनैतिक नियुक्तियोंं का मामला है मुख्यमंत्री सभी समीकरणों व सोशल इंजीनियरिंग के आधार पर टूकड़ों में कर देंगे। आवश्यक नियुक्तियों को पहले कर बाकी नियुक्तियों में मंत्रिमण्डल से वंचित विधायकोंं आदि को संतुष्ट किया जा सकता हैं।

संगठन की बात

प्रदेश कांग्रेस संगठन स्तर पर भी पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी ताकि सत्ता में भागीदारी नहीं मिलने वालों को संगठन मेंं एडजेस्ट किया जा सके। पंजाब, उत्तराखण्ड, असम आदि राज्यों में तीन से चार कार्यकारी अध्यक्ष राजस्थान में भी बनाए जा सकते हैँ ताकि जातीय समीकरणों को साधते हुए कुछ चेहरों को बनाया जा सके। जिलाध्यक्षोां व ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति का सवाल है उसमेंं जिलाध्यक्षों का मसला कुछ जिलोंं में अटका हुआ है उसके लिए माकन कह ही चुके हैं कि वे विधायकों से इस बारेे में बात करेंगे। यह मसला भी अगले कुछ दिनों में सुलट जाएगा। आने वाले दिनोंं में सत्ता के गलियारों व प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में रौनक दिखाई देने की उम्मीद हैं।

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