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अरुण सिंह का स्वयं का कोई जनाधार नही ,न उन्हें राजस्थान के बारे में कोई ज्ञान – हनुमान बेनीवाल

Delhi / Jaipur : राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद अरुण सिंह द्वारा उनके संबंध में दिए गए वक्तव्य पर जोरदार प्रहार करते हुए जवाब दिया। बेनीवाल ने कहा कि अरुण सिंह का स्वयं का कोई जनाधार नहीं है और वह आज तक सरपंच तक चुनाव नही लड़ पाए। जबकि राज्य सभा सांसद का पद व राजस्थान का प्रभार उन्हें इसलिए मिल गया क्योंकि वो केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के रिश्तेदार है। जबकि जनता के मतों से वो आज तक वार्ड पंच भी निर्वाचित नही हो पाए है।

आरएलपी ने भाजपा के संकट का साथी बनकर दिया था साथ

हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में आरएलपी के विधायकों ने बिना किसी शर्त के भाजपा के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था और गहलोत सरकार जब गिर रही थी। जब विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में रालोपा के विधायक भाजपा के साथ खड़े थे। जबकि वसुंधरा ने फ्लोर टेस्ट के समय 8 विधायको को सदन से ही गायब करवा दिया। ताकि गहलोत सरकार को बचाया जा सके जो गहलोत-वसुंधरा गठजोड़ का प्रमाण है और विगत 20 वर्षों में लोकायुक्त की रिपोर्ट के अनुसार गहलोत -वसुंधरा ने एक दूसरे को कई बार बचाया है ।

जनता ने 3 बार विधायक एक बार सांसद चुनाव, हमारी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का हक अरुण सिंह को नही

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जनता ने उन्हें 3 बार विधायक बनाया व एक बार सांसद बनाया और यह जनता का ही भरोसा है ऐसे में हमारी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का हक अरुण सिंह को नही है। क्योंकि आरएलपी जनता के हित के मुद्दों को लेकर लड़ाई लड़ रही है और मिशन 2023 को लेकर रालोपा कार्य कर रही है। ऐसे में किसी भी चुनाव में आरएलपी ने भाग लिया और उसका फायदा किसी अन्य दल को हुआ है तो उससे हमें कोई वास्ता नही है क्योंकि हम आम आदमी के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे है ।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने अरुण सिंह के आरोपों पर ट्वीट्स करके जवाब भी दिए

यह चुनौती दी – सांसद बेनीवाल ने कहा लोक सभा चुनाव से पहले रालोपा का गठबंधन भाजपा से हुआ ऐसे में भाजपा को न केवल राजस्थान राज्य बल्कि अन्य राज्यो में भी फायदा हुआ और जहां तक अरुण सिंह के वक्तव्य का सवाल है। उन्हें अगर इतना भरोसा है तो वो राजस्थान में भाजपा के कुछ साँसदो से त्याग पत्र दिलवादे उसके बाद में भी नागौर से त्याग पत्र देकर आरएलपी से चुनाव लडूंगा और उसके बाद परिणामो में नागौर में भाजपा की स्थिती तीसरे नम्बर पर रहेगी।

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