नई दिल्ली: भारतीय विदेश सेवा अधिकारी (IFS) के. नागराज नायडू को अगले एक साल तक संयुक्त राष्ट्र की ब्यूरोक्रेसी का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है। मालदीव विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रेसिडेंट अब्दुल्ला शाहिद ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है। के. नागराज नायडू अब्दुल्ला शाहिद के सहायक के तौर पर कामकाज को देखेंगे। मालदीव के विदेश मंत्री ने ट्वीट कर नागराज को यह जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि, ‘आज मैंने राजदूत थिलमीजा हुसैन को विशेष दूत के तौर पर नियुक्त किया है। इसके अलावा राजदूत नागराज नायडू को अपना शेफ डु कैबिनेट नियुक्त किया है।’ बता दें कि शेफ डु कैबिनेट फ्रेंच शब्द है, जिसका अर्थ मुख्य सहायक या निजी सचिव होता है।
Today, I have appointed Ambassador Thilmeeza Hussain as Special Envoy of the PGA, and Ambassador Nagaraj Naidu Kumar as my Chef du Cabinet. They will be instrumental in delivering my vision for the #PresidencyOfHope pic.twitter.com/1FsvJQKie3
— Abdulla Shahid (@abdulla_shahid) June 9, 2021
के. नायडू भारत के राजदूत हैं, वहीं हुसैन संयुक्त राष्ट्र मिशन में मालदीव के स्थायी दूत हैं। इसके अलावा उन्हें अमेरिका और कनाडा के राजदूत के तौर पर भी जिम्मेदारी मिली हुई है। आईएफएस नायडू की बात करें तो वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उप-प्रतिनिधि भी हैं। अब भारत सरकार की तरफ से उन्हें प्रतिनियुक्ति पर संयुक्त राष्ट्र भेजा जाएगा, जहां वह ब्यूरोक्रेसी का कामकाज देखेंगे। यह एक तरह से पीएम के मुख्य सचिव जैसा पद होता है। नायडू भारत के संभवत: ऐसे पहले राजनयिक हैं, जिनको ये जिम्मेदारी मिलने वाली है। इससे वैश्विक जगत में भारत की बढ़ती साख और प्रभाव के तौर पर भी देखा जा रहा है।
इसी साल जनवरी में भारत का दो साल का अस्थायी कार्यकाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुरू हुआ है। यह 8वां मौका है, जब भारत को सुरक्षा परिषद में रखा गया है। यही नहीं दुनिया के कई बड़े मुल्कों ने भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन को महत्व दिया है।
