नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी कोरोना को लेकर मोदी सरकार पर लगातार बोलते रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने मंगलवार को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में प्रधानमंत्री का फोकस ऑक्सीजन पर नहीं बल्कि बंगाल पर था। लोगों की जान प्रधानमंत्री के आंसुओं से नहीं बल्कि ऑक्सीजन से बचाई जा सकती थी। दूसरी लहर सरकार की लापरवाही की वजह से खतरनाक हुई। अब तीसरी लहर के लिए हमें पहले से ही तैयारी करनी होगी। कांग्रेस नेता ने कोविड मिसमैनेजमेंट पर एक रिपोर्ट भी जारी की है। उन्होंने इसे ‘व्हाइट पेपर’ नाम दिया है।
राहुल के सरकार को 4 सुझाव
- तीसरी लहर की तैयारी अभी से शुरू की जाए। पिछली गलतियों को फिर से न दोहराया जाए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए। ऑक्सीजन, बेड, दवा की कमी न हो। थर्ड वेव में हर गांव, हर शहर में ऑक्सीजन जैसी सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए।
- कोरोना बायोलॉजिकल बीमारी नहीं है, यह इकोनॉमिकल-सोशल बीमारी है। इसलिए सबसे गरीब लोगों, छोटे उद्योग-धंधों को आर्थिक सहायता देने की जरूरत है। हमने न्याय योजना की सलाह दी है। अगर प्रधानमंत्री को नाम नहीं पसंद, तो वे योजना का नाम बदल सकते हैं। इससे गरीबों तक सीधे आर्थिक मदद पहुंचाई जा सकेगी।
- कोविड कंपंसेशन फंड बनाया जाए। जिन परिवारों की मौत कोरोना से हुई है, उन्हें इस फंड से सहायता राशि दी जाए।
