चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिद्धू काे लेकर कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। सिद्धू अकाली नेता बिक्रम मजीठिया को गिरफ्तार न करने के मामले में अपनी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उनके बयानों से तंग आकर अब डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा ने गृह मंत्रालय छोड़ने की पेशकश कर दी है। डिप्टी सीएम ने रविवार को कहा कि सिद्धू ओवर एंबिशियस हैं। जब से मुझे गृह मंत्रालय मिला है, सिद्धू नाराज चल रहे हैं। इसलिए मैं इसे छोड़ने के लिए तैयार हूं।
इससे पहले मंत्री भारत भूषण आशु ने भी इसी तरह सिद्धू को कांग्रेस कल्चर सीखने की नसीहत दी थी। उन्होंने कहा था कि पंजाब में सिद्धू मॉडल नहीं कांग्रेस मॉडल चलेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि ‘मैं’ शब्द नहीं बल्कि संगठन बड़ा होता है। वहीं, इससे पहले सरकार में मंत्री राणा गुरजीत भी सिद्धू के रवैये पर सवाल खड़े कर चुके हैं।
सिद्धू के बयान से बदलाखोरी का संदेश जा रहा
डिप्टी CM सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अकाली नेता बिक्रम मजीठिया पर ड्रग्स केस कानून के अनुसार हुआ है। सिद्धू इसके बारे में जो बयान दे रहे हैं कि मैंने करवा दिया, इससे बदलाखोरी का संदेश जा रहा है। मैं सिद्धू से गुजारिश करता हूं कि पंजाब के लोगों को इंसाफ लेने दें। सिद्धू के मजीठिया को गिरफ्तार न करने को लेकर सरकार पर किए जा रहे हमले के बारे में रंधावा ने कहा कि कानून जो कहेगा, वही करेंगे।
कांग्रेस स्टेज से कैंडिडेट घोषित नहीं करती
डिप्टी सीएम रंधावा ने कहा कि कांग्रेस में स्टेज से कैंडिडेट घोषित नहीं किए जाते। यहां पहले स्क्रीनिंग कमेटी पैनल भेजती है और फिर हाईकमान लिस्ट जारी करती है। अकाली दल और आम आदमी पार्टी जरूर ऐसा करते हैं लेकिन वह भी बाद में लिस्ट जारी करते हैं। सिद्धू को कांग्रेस के कामकाज के तरीके सीखने चाहिए। सिद्धू पंजाब में लगातार कांग्रेसियों को कैंडिडेट बता जिताने की अपील कर रहे हैं।
