Headlines

सुप्रीम कोर्ट ने जागरूकता प्रचार में बच्चों को झोंकने पर केजरीवाल सरकार को लगाई फटकार, दिल्ली में कल से स्कूल बंद

सुप्रीम कोर्ट ने जागरूकता प्रचार में बच्चों को झोंकने पर केजरीवाल सरकार को लगाई फटकार, दिल्ली में कल से स्कूल बंद | Supreme Court reprimands Kejriwal government for throwing children in awareness campaign, schools closed in Delhi from tomorrow

नई दिल्ली: दिल्ली में फैले प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राजधानी में शुक्रवार से सभी स्कूल अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि प्रदूषण से बिगड़ते हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। स्कूल कब से खुलेंगे, फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं किया गया है। दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता में आज भी सुधार नहीं हुआ है। दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में है। लोधी रोड इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 339 दर्ज हुआ। हवा में धुंध जमी हुई है।

इससे पहले गुरुवार को ही कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली और पड़ोसी राज्यों की सरकार को फटकार लगाते हुए 24 घंटे का समय दिया। कोर्ट ने केंद्र से कहा कि अगर प्रदूषण कम करने के लिए 24 घंटे में कड़े कदम नहीं उठाए गए तो सुप्रीम कोर्ट टास्क फोर्स का गठन करेगा। चीफ जस्टिस NV रमणा ने कार्यवाही के दौरान केंद्र से पूछा कि आखिर प्रदूषण कम क्यों नहीं हो रहा है।

दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि जब कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया है तो फिर बच्चों को स्कूल जाने के लिए क्यों फोर्स किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा था कि सरकार ने हमें एफिडेविट में बताया था कि स्कूल बंद कर दिए गए हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। क्या आपको बच्चों की फिक्र नहीं है।

कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आपने जो एफिडेविट लगाए हैं, क्या उसमें बताया गया है कि कितने युवा प्रदूषण पर जागरुकता का बैनर लेकर सड़क पर खड़े हैं? क्या यह प्रचार के लिए किया जा रहा है? उनके स्वास्थ्य की किसी को चिंता है या नहीं। इसके जवाब में दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि बैनर लेकर खड़े युवा स्वयंसेवक थे। दिल्ली सरकार की तरफ से कुछ युवाओं ने सड़क किनारे खड़े होकर रेड लाइट पर ‘कार का इंजन बंद’ करने की अपील की थी। इन पोस्टर्स में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भी फोटो थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *