नई दिल्ली: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने बुधवार को जमीन से जमीन पर मार करने की क्षमता वाली अपनी अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। सीमा सुरक्षा और मिसाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। जानकारी के मुताबिक, यह टेस्ट ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप पर हुआ है। इस मिसाइल में तीन स्टेज में संचालित होने वाला सॉलिड फ्यूल इंजन लगाया गया है। यह मिसाइल 5 हजार किलोमीटर दूरी तक लक्ष्य साधने की क्षमता रखती है। इसकी जद में चीन और पाकिस्तान सहित पूरा एशिया आएगा। अग्नि-5 का यह आठवां टेस्ट था।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह टेस्ट द्वीप पर शाम 7 बजकर 50 मिनट पर हुआ। अग्नि श्रृंखला की इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को डीआरडीओ और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने साथ में विकसित किया है। कई रिपोर्ट्स में तो यहां तक दावा किया जाता है कि नई अग्नि मिसाइल की मारक क्षमता 5,000 से 8,000 किमी है, लेकिन इसकी सही रेंज के बारे में सरकार कुछ भी खुलासा नहीं करती। अग्नि-5 का यह टेस्ट पहले 2020 में होना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स से लैस है।
