नई दिल्ली : करीब एक महीने की शांति के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद फिर शुरू हो गया है। अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की फौज लगातार डूरंड लाइन पर फायरिंग कर रही है। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने कहा है कि अगर पाकिस्तान की फौज ने गोलाबारी बंद नहीं की और हालात बिगड़े तो इसकी जिम्मेदार इमरान खान सरकार होगी।
पिछले साल 15 अगस्त को तालिबान ने काबुल पर कब्जे के साथ पूरे अफगानिस्तान पर हुकूमत कायम कर ली थी। लेकिन, इसके बाद उसने डूरंड लाइन पर लगी कांटेदार तारों की फेंसिंग बुल्डोजर के जरिए उखाड़ दी थी। तालिबान का कहना है कि उसे यह बाउंड्री मंजूर नहीं है।
तालिबान के पाकिस्तान पर आरोप
अफगान वेबसाइट ‘टोलो न्यूज’ के मुताबिक, नांगरहार प्रांत के कई शहरों पर पाकिस्तान की तरफ से गोले दागे गए हैं। हल्की और भारी मशीनगनों से लगातार फायरिंग की जा रही है। कुनार प्रांत के सरकरी और मारवरा में तो कुछ घर फायरिंग की चपेट में आए।
आरोप है कि पाकिस्तानी वायुसेना के कई एयरक्राफ्ट और ड्रोन्स अफगानिस्तान के एयरस्पेस में घुसे। इसके बाद अफगानिस्तान के विदेश, रक्षा और गृह मंत्रालय के अफसरों की एक टीम इस्लामाबाद भेजी गई। इस टीम ने पाकिस्तान को बता दिया कि अगर यह हरकतें नहीं रुकीं तो किसी भी वक्त हालात काबू से बाहर हो जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी इमरान सरकार और पाकिस्तानी फौज की होगी।
