नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने गुरूवार को ब्रिक्स के 13वें शिखर सम्मलेन वार्ता की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज है। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और परिणामदायी हो। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जो थीम चुना है, वह यही प्राथमिकता दर्शाता है- “BRICS at 15: इंट्रा-ब्रिक्स निरंतरता, एकजुटता और सहमति के लिए सहयोग”।
जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे
हाल ही में पहले “ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन” का आयोजन हुआ। तकनीकी की मदद से हेल्थ एक्सेस बढ़ाने के लिए यह एक इनोवेटिव कदम है। नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे।
Matter of great pleasure for me and India to chair this summit on occasion of 15th anniversary of BRICS: PM Modi at online BRICS summit
— Press Trust of India (@PTI_News) September 9, 2021
चर्चा के लिए भारत ने चार क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार की है
भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए प्राथमिकता वाले चार क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार की है। इनमें बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार, आतंकवाद से मुकाबला, एसडीजी प्राप्त करने के लिए डिजिटल और तकनीकी औजारों का उपयोग और लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना शामिल हैं।
यह भी पहली बार हुआ कि BRICS ने “Multilateral systems की मजबूती और सुधार” पर एक साझा पॉजिशन ली है। उन्होंने कहा कि हमने ब्रिक्स “Counter Terrorism Action Plan” भी अडॉप्ट किया है। शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो भाग ले रहे हैं। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही है। इस साल शिखर सम्मेलन संयोग से ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है।
यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 2016 में गोवा में शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। जबकि, यह तीसरी बार है जब भारत 2012 और 2016 के बाद ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
