नई दिल्ली : यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंट्स को निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष बैठक की है। इसके मुताबिक चार मंत्रियों को यूक्रेन बॉर्डर से लगे पांच देशों में भेजा जाएगा। शुरुआती जानकारी के अनुसार हरदीप सिंह पुरी को हंगरी, किरण रिजिजू को स्लोवाकिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया को रोमानिया और मॉलडोवा तथा जनरल वीके सिंह को पोलैंड भेजा जा रहा है। केंद्र सरकार ने फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए एक वैकल्पिक रेल रूट की पहचान की है। यह रेल रूट पश्चिमी यूक्रेन के उज़होरोड से हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट तक जाता है।
फंसे छात्रों के लिए कोरोना नियमों में छूट
सरकार ने यूक्रेन से निकाले जा रहे छात्रों के लिए कोविड नियमों में छूट दे दी है। इसके तहत फ्लाइट में बैठने से पहले RTPCR निगेटिव होने की शर्त को हटा लिया गया है। कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट नहीं देना होगा। इसके अलावा एयर सुविधा पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड भी नहीं करने होंगे। जो छात्र कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें 14 दिन सेल्फ क्वारैंटीन रहना होगा।
छठी फ्लाइट रवाना
इस बीच सोमवार दोपहर यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंट्स को लेकर छठी फ्लाइट बुडापेस्ट, हंगरी से भारत रवाना हो गई है। इसमें 240 लोग सवार हैं। अब तक 1156 स्टूडेंट्स को यूक्रेन से भारत लाया जा चुका है।
