अमरावती: आंध्र प्रदेश में नेल्लोर(Nellore) जिले के एक छोटे से गांव में आयुर्वेदिक दवा के लिए दूर तक लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। यहां आए दूर दराज के लोग कोरोना के इस अनोखे इलाज के लिए रोजाना लाइन में लग जाते हैं। दरअसल, आनंदैया नाम के एक आयुर्वेद चिकित्सक ने अपनी दवा को कोरोना के इलाज के लिए सफल होने दावा किया है। उनका ये दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके परिणाम स्वरूप यहां दूर-दूर से लोगों का आना शुरू हो गया।
उपमुख्यमंत्री ने ICMR से जांच करने को कहा
डिप्टी सीएम (स्वास्थ्य) ए के के श्रीनिवास ने समीक्षा बैठक के बाद कहा, ‘हमने आईसीएमआर और अन्य विशेषज्ञों से इसका अध्ययन कराने का फैसला किया है, ताकि इसके प्रभावी होने का पता लगाया जा सके।’चिकित्सक से नौकरशाह बने पी वी रमेश ने इस दवा को ‘आपदा का एक और नुस्खा’ बताया।
लोगों को मुफ्त में बांट रहे दवा
आनंदैया अपनी आयुर्वेदिक दवा को लोगों में बिल्कुल फ्री बाट रहे हैं। जिनकी हालत गंभीर है उन्हें आईड्रॉप भी दी जा रही है। हालांकि, अभी तक इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि ये आयुर्वेदिक दवा कोरोना ठीक करने में मदद कर सकती हैं।फिर भी, बड़ी तादाद में लोग यहां आ रहे हैं।
चिकित्सको ने बोला- किसी ने नहीं की साइइफेक्ट की शिकायत
डॉक्टर्स की टीम ने कहा दवा लेने वालों में से किसी ने भी किसी दुष्प्रभाव की शिकायत नहीं की है। उसने रिपोर्ट में कहा, ‘एक कोविड-19 मरीज की आंख में दवा की दो बूंदें डालने के बाद उसके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर एक घंटे में 83 से बढ़कर 95 हो गया। हमने मरीजों से बात की है।’ बाकि इस दवा का पूरी जाँच होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
