रांची/पटना: देश के बहुचर्चित चारा घोटाले के सबसे बड़े डोरंडा केस में मंगलवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया है। CBI की विशेष अदालत ने RJD सुप्रीमो लालू यादव सहित 75 आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं, 24 लोगों को बरी कर दिया गया है। सजा का ऐलान 18 फरवरी को होगा। जैसे ही RJD सुप्रीमो के दोषी करार देने की सूचना बाहर आई पटना से लेकर रांची तक उनके समर्थकों में मायूसी छा गई। कोर्ट परिसर RJD नेताओं से पटा है। पुलिस का पहरा सख्त कर दिया गया है।
बता दें, इससे पहले चारा घोटाले के 4 मामले (देवघर के एक, दुमका ट्रेजरी की दो अलग-अलग धारा और चाईबासा ट्रेजरी से संबंधित दो मामलों में) लालू दोषी करार दिए जा चुके हैं। अभी पहले के सभी मामलों में जमानत पर बाहर थे, लेकिन मंगलवार को कोर्ट के आए फैसले से उन्हें एक बार फिर जेल जाना होगा।
क्या है डोरंडा कोषागार मामला
चारा घोटाले का यह मामला डोरंडा कोषागार से जुड़ा है। इसमें 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की बात सामने आई थी। चारा घोटाले के सबसे बड़े आरसी 47 ए/96 के ये मामले दरसल 1990 से 1995 के बीच के हैं। इसपर सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। पूर्व में चारा घोटाले के अलग-अलग मामले में फिलहाल लालू यादव को हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है।
डोरंडा कोषागार मामले में कुल 99 आरोपी
डोरंडा कोषागार से जुड़े घोटाले में शुरुआत में 170 आरोपी थे। इसमें से 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है, फिर दीपेश चांडक और आरके दास समेत सात आरोपियों को सीबीआई ने गवाह बनाया। वहीं सुशील झा और पीके जायसवाल ने कोर्ट के फैसले से पहले ही खुद को दोषी मान लिया था। वहीं मामले में छह नामजद आरोपी फरार हैं।
मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, डॉ आरके राणा, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत, तत्कालीन पशुपालन सचिव बेक जूलियस, पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ केएम प्रसाद सहित 99 आरोपी हैं।
