चंडीगढ़ : पंचकूला में हजारों किसान शनिवार को गवर्नर हाउस रवाना हुुए। ये किसान (Farmer) पंजाब और हरियाणा से आए हैं। इनका संयुक्त मोर्चा तीनों कृषि कानूनों की वापसी के लिए गवर्नर को ज्ञापन सौंपने के लिए जा रहा है। मोर्चे ने कहा था कि उनका मार्च शांतिपूर्ण रहेगा, पर कई जगहों पर किसानों (Farmer) ने बैरिकेड्स भी तोड़े हैं। किसान बैरिकेड्स तोड़कर चंडीगढ़ में दाखिल हुए और गवर्नर हाउस की ओर बढ़ गए।
7 महीने से प्रधानमंत्री हमारी बात नहीं सुन रहे
किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को पास कर दिया है। इन्हें हटाने के लिए प्रधानमंत्री और मंत्रियों को पिछले 7 महीने से ज्यादा समय से कहा जा रहा है, लेकिन कोई बात सुन नहीं रहा। किसानों ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए नहीं तो इसी तरह के प्रदर्शन जारी रहेंगे।
ऑप्शनल रूट के इस्तेमाल की हिदायत
चंडीगढ़ से शिमला की ओर जाने वाले लोग पंचकूला जाने के बजाय सिसवां रोड से नयागांव, नालागढ़ और वहां से शिमला की ओर जा सकते हैं। शिमला से दिल्ली की ओर आने वाले लोग नालागढ़ से नयागांव होते हुए चंडीगढ़ से दिल्ली की ओर जा सकते हैं। यमुनानगर से पंचकूला की ओर जाने वाले लोग बरवाला से डेराबस्सी, जीरकपुर होते हुए चंडीगढ़ की ओर जा सकते हैं।
चंडीगढ़ में हंगामा बढ़ा, तो ये रास्ते बंद होंगे
मुल्लांपुर बैरियर, जीरकपुर बैरियर, सेक्टर 5-8 टर्न, सेक्टर 7-8 टर्न, सेक्टर-7 पीआरबी कट, गोल्फ टर्न, गुरसागर साहिब टर्न, मौलीजागरां ब्रिज, हाउसिंग बोर्ड ब्रिज के पास, किशनगढ़ टर्न और मटौर बैरियर।
