नई दिल्ली: भारत बायोटेक और ICMR की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन के फेज-3 के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8% असरदार साबित हुई है। देश में पहले ही इसके आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी ने पिछले हफ्ते ही ट्रायल का डेटा ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को सौंपा था। जिस पर मंगलवार को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) की अहम मीटिंग हुई। इसमें वैक्सीन के फेज 3 के ट्रायल के डेटा को मंजूरी दे दी गई।
सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (SEC) ने मंजूरी के बाद इस डेटा को अब वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) में भी सब्मिट किया जा सकेगा। हालांकि अभी इसे मंजूरी नहीं दी गई है। SEC की ओर से इस डेटा को अब ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के पास भेजा जाएगा। भारत बायोटेक ने पैनल के सामने डेटा को रखा है, जिसके मुताबिक यह 77.8 फीसदी प्रभावी पाया गया है। SEC में अब आंकड़ों को परखा जा रहा है।
WHO ने EOI मंजूर किया
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत बायोटेक के एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (EOI) को स्वीकार कर लिया है और 23 जून को इस पर बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि इसके बाद जल्द ही WHO कोवैक्सीन को इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग में शामिल कर सकता है।
जुलाई से सितंबर के बीच कोवैक्सीन अप्रूवल मिलने की उम्मीद
कोवैक्सिन को जुलाई से सितंबर के बीच WHO से इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिल सकती है। कंपनी ने बताया कि 60 देशों में कोवैक्सिन के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल्स की प्रॉसेस चल रही है। इनमें कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका और ब्राजील भी शामिल हैं। अप्रूवल के लिए WHO-जिनेवा में भी एप्लीकेशन दे दी गई है।
