नई दिल्ली : दुनिया आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, भारत में भी अलग-अलग जगह कोरोना प्रोटोकॉल के अंतर्गत इसको लेकर आयोजन हो रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी के एक ट्वीट से विवाद खड़ा हो गया है। अभिषेक मनु सिंघवी ने योग को लेकर ॐ और अल्लाह का जिक्र किया, तो योगगुरु रामदेव ने उन्हें जवाब दिया।
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट किया कि ॐ के उच्चारण से ना तो योग ज्यादा शक्तिशाली हो जाएगा और ना अल्लाह कहने से योग की शक्ति कम होगी। अभिषेक मनु सिंघवी के इस ट्वीट ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर एक नई बहस छेड़ दी है। योग गुरु रामदेव ने इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया भी दी है।
ॐ के उच्चारण से ना तो योग ज्यादा शक्तिशाली हो जाएगा और ना अल्लाह कहने से योग की शक्ति कम होगी | #YogaDay2021 #InternationalDayOfYoga
— Abhishek Singhvi (@DrAMSinghvi) June 21, 2021
रामदेव ने कहा, ‘ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान’। अल्लाह, भगवान, खुदा सब एक ही है, ऐसे में ॐ बोलने में दिक्कत क्या है। लेकिन, हम किसी को खुदा बोलने से मना नहीं कर रहे हैं। रामदेव बोले कि इन सभी को भी योग करना चाहिए, फिर इन सभी को एक ही परमात्मा दिखेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अभिषेक मनु सिंघवी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है। शिवराज ने लिखा कि अभिषेक मनु सिंघवी पर बस यही कहूंगा कि ना जाने क्यों कांग्रेस के नेता ऐसे अवसरों पर भी राजनीति करते हैं और ऐसे बयान देते हैं। वैक्सीनेशन और योग दोनों ही कोरोना से लड़ाई में संजीवनी हैं। हमारे देश की पूरी दुनिया में योग की वजह से आज अलग पहचान बन गई है।
बीजेपी नेताओं ने साधा निशाना
बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने इस मसले पर कहा कि ॐ के उच्चारण से हमारी शक्ति तो बढ़ती है इनकी शक्ति जरूर घट जाती है। इनकी शक्ति इसलिए घट जाती क्योंकि इनका वोट बैंक घट जाता है, वोट बैंक की राजनीति के चलते ये लोग ऐसा बोलते हैं।
ॐ के उच्चारण से योग की शक्ति तो बढ़ेगी लेकिन हां आपकी वोट बैंक शायद कम हो… https://t.co/ew4qNbPrnS
— Parvesh Sahib Singh (@p_sahibsingh) June 21, 2021
प्रवेश वर्मा ने कहा कि इनको लगता है कि पिछले 7 साल में कोई दंगा नहीं हुआ, 370 हटा तब भी शांति रही, राम मंदिर बन रहा फिर शांति है उससे इनको प्रॉब्लम है।
बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि छोटे नेताओं के ट्वीट करने से योग की महानता खत्म नहीं होती। कुछ ऐसे विषय रहते हैं कि जिस पर राजनीति के माध्यम से संकुचित मानसिकता को प्रदर्शन करना उचित नहीं है, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उनके इस बयान से कोई फर्क नहीं पड़ता।
