लखनऊ : लखीमपुर हिंसा केस में उत्तर प्रदेश SIT ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, 5000 पन्ने की चार्जशीट में एसआईटी ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बताया है। इतना ही नहीं एसआईटी के मुताबिक, आशीष घटनास्थल पर ही मौजूद था।
इससे पहले एसआईटी लोहे के बक्से में 5000 पन्ने की चार्जशीट लेकर लखनऊ कोर्ट पहुंची। चार्जशीट में पुलिस ने आशीष मिश्रा के एक अन्य रिश्तेदार को भी आरोपी बनाया है। पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र शुक्ला पर सबूत छिपाने के आरोप लगे हैं। आशीष मिश्रा की थार जीप के पीछे चल रही दो गाड़ियों में से एक वीरेंद्र की स्कॉर्पियो थी। पहले शुक्ला ने अपनी स्कॉर्पियो छिपाकर दूसरे की गाड़ी को बताया था।
मामले में 13 आरोपी जेल में बंद
इस मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत सभी 13 आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस ने चार्जशीट में एक नया नाम वीरेंद्र शुक्ला बढ़ाया है। वीरेंद्र पर धारा 201 के तहत सबूत मिटाने की साजिश का आरोप हैv वीरेंद्र केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का रिश्तेदार है।
3 अक्टूबर को हुई थी हिंसा
3 अक्टूबर को लखीमपुर के तिकुनिया में हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू ने अपनी जीप से किसानों को कुचल दिया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने आशीष के ड्राइवर समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी।
