नई दिल्ली : केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच गतिरोध एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। किसान आंदोलन के दौरान लाल किला हिंसा मामले से संबंधित केसों की सुनवाई के लिए दिल्ली सरकार की ओर से गठित वकीलों के पैनल को गुरुवार को उपराज्यपाल द्वारा खारिज किए जाने के एक दिन बाद आज ‘आप’ सरकार की कैबिनेट ने भी दिल्ली पुलिस के वकीलों का पैनल खारिज कर दिया है।
दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने शुक्रवार को हुई बैठक में फैसला लिया है कि दिल्ली सरकार के वकील ही किसान आंदोलन से जुड़े मामलों में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर होंगे। बताया जा रहा है कि उपराज्यपाल चाहते थे केजरीवाल सरकार दिल्ली पुलिस के सुझाए वकीलों के पैनल को मंजूरी दे, जबकि दिल्ली सरकार सरकारी वकीलों के पैनल को ही किसानों जुड़े मामलों में लगाना चाहती थी। अब कैबिनेट का फैसला उपराज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
वकीलों को बदलने का दबाव बना रहा केंद्र
दिल्ली सरकार ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कृषि कानूनों से जुड़े आंदोलन के मामलों में पेश होने वाले अपने वकीलों को बदलने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था।
