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यूक्रेन से छात्रों की वतन वापसी का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने वकील से कहा-संवेदनशील हालातों का फायदा न उठाएं, अगली सुनवाई 11 मार्च को

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नई दिल्ली : यूक्रेन में फंसे छात्रों को सुरक्षित भारत लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं लगाई गई हैं। इनकी सुनवाई शुक्रवार को चीफ जस्टिस एनवी रमना, न्यायमूर्ति बोपन्ना और हेमा कोहली की बेंच ने शुरू कर दी है। बेंच ने अटॉर्नी जनरल की दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई अगले शुक्रवार यानी 11 मार्च तक स्थगित कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं पर चर्चा करते हुए CJI रमना ने कहा की हमें सुप्रीम कोर्ट वेबसाइटों से पता चला है आप इस तरह की याचिकाएं दायर करते हैं। कई को कॉस्ट के साथ बर्खास्त कर दिया गया था। यदि आप कुछ करना चाहते हैं तो पेपर कटिंग के साथ याचिका दायर करने का यह सही तरीका नहीं है। आप जानते हैं कि यह एक संवेदनशील स्थिति है, हम कुछ नहीं कह सकते, फायदा उठाने की कोशिश न करें।

वहीँ AG वेणुगोपाल ने कहा कि आज सुबह तक संख्या लगभग 7000 बताई गई। वापसी में तेजी के लिए प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के साथ बैठक की। कृपया इसे सरकार पर छोड़ दें। राजस्थान हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। भारत सरकार यह देखने में सक्षम है कि इन लोगों को तेजी से निकाला जा रहा है। 17000 पहले ही निकाले जा चुके हैं।

इस पर CJI रमना ने कहा कि AG, आप राज्य के हाईकोर्ट में पेश होने वाले अपने वकीलों से कहें कि जब हम सुनवाई कर रहे हैं और केंद्र कदम उठा रहा है तो हर हाईकोर्ट को दखल देने और निर्देश देने का कोई मतलब नहीं है। इसे हाईकोर्ट के संज्ञान में लाएं कि हमें मामला समझ में आ गया है। आप एक ऑनलाइन हेल्पलाइन शुरू करें ताकि बच्चों के पैरेंट्स को पता होना चाहिए कि वे कहां हैं। हम आदेश पारित नहीं करेंगे। आप करें।

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