कलकत्ता: बीरभूम हिंसा की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें मामले की जांच बंगाल पुलिस से ही कराने की बात कही गई थी।
CBI को 7 अप्रैल तक कोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी है। इससे पहले SIT इस मामले की जांच कर रही थी। बुधवार को कोलकाता हाईकोर्ट ने इस हत्याकांड को बर्बर करार दिया था। कोर्ट में पेश किए गए सभी 20 आरोपियों का केस लड़ने से वकीलों ने इनकार कर दिया। बता दें कि बीरभूम के रामपुरहाट में TMC नेता भादू शेख की हत्या के बाद 10 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
कोर्ट ने बंगाल के एडवोकेट जनरल (एजी) से कहा कि हमें अपने आदेश को रोकने के पीछे कोई वजह नजर नहीं आती। इसलिए आपकी मांग ठुकराई जाती है। इसी के साथ कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि वह मामले की जांच रिपोर्ट सात अप्रैल तक कोर्ट को सौंपे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के एक पंचायत अधिकारी की हत्या के कथित तौर पर विरोध स्वरूप मंगलवार तड़के बोगतुई गांव में करीब एक दर्जन झोपड़ियों में आग लगा दी गई थी। इसमें दो बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। इसी मामले में जनहित याचिका दायर कर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच की मांग की गई थी। इसके अलावा अदालत ने भी इस मामले का संज्ञान लिया था। गुरुवार को कोर्ट ने इस केस में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
