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बेनीवाल ने लोकसभा में CSR को लेकर मुद्दा उठाया, कहा- आदेशात्मक प्रावधान लाने पर सरकार करें विचार

नई दिल्ली। लोकसभा मे सोमवार को प्रश्नकाल मे रालोपा (RLP) संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय से जुड़ा सवाल सूचीबद्ध था। जिसमे सांसद ने CSR फंड के उपयोग को लेकर निर्धारित मापदंडो को लेकर जवाब पूछा था। जिस पर मंत्री ने लिखित मे जवाब दिया, सांसद बेनीवाल ने अपने मूल सवाल मे उद्योगों, उर्जा,तैल व गैस आदि क्षेत्रो मे कार्यरत कंपनियो द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व के तहत व्यय किए जाने वाली राशि के मापदंड व राजस्थान के बाड़मेर,जोधपुर,जैसलमेर ,जालोर व नागौर सहित पश्चिमी राजस्थान के कार्यरत उक्त श्रेणी की कंपनियो द्वारा व्यय किए गये मद की जानकारी मांगी।

जिस पर कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने सांसद को बताया की कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 व CSR नीति 2014 के माध्यम से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के लिए व्यापक ढाँचा प्रदान करती है। जिस कंपनी का पूर्ववती वित्तीय वर्ष के दौरान निवल मूल्य 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक है अथवा टर्न ओवर 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है अथवा निवल लाभ 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक है उसे कम से कम 2 प्रतिशत व्यय करने का अधिदेश CSR प्रावधान मे है। साथ ही बताया की वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर 31 मार्च 2021 तक राजस्थान के बाड़मेर,जैसलमेर, जालौर , जोधपुर ,नागौर, व पाली जिले मे क्रमश 41.92 करोड़ ,4.97 करोड़,4.09 करोड़ ,12.82 करोड़ ,2.68 करोड़ तथा 18.7 करोड़ रुपये CSR के तहत व्यय किए गये।

सदन मे बेनीवाल ने कहा 

बेनीवाल ने कहा की सदन मे प्रश्नकाल स्थगित हो जाने से इस मुद्दे पर चर्चा नही हो पाई परन्तु सरकार को CSR के प्रावधानो मे बदलाव करके कंपनियो के प्रचलन क्षेत्र मे ही शिक्षा,सड़क,स्वास्थ्य सहीत अन्य बुनियादी विकास कार्य हेतु व्यय करने के लिए आदेशात्मक प्रावधान लाने की ज़रूरत है क्योंकि कंपनिया मनमाफ़िक रूप से उसका उपयोग करती है। उन्होने बाड़मेर जिले का उदाहरण देते हुए कहा की जिस जिले मे तेल निकलने से हज़ारो करोड़ो का राजस्व प्राप्त होता है मगर उन्ही क्षेत्रो के लोग आज बुनियादी विकास की बाट जो रहे है।

जिनकी ज़मीन ऐसे प्रोजेक्ट के लिए अवाप्त कर ली गई, साथ ही सांसद ने कहा सरकार के समक्ष कंपनियो व कॉरपोरेट घरानो के ऐसे कई प्रकरण जानकारी मे जिन्होने CSR निधि का या तो उपयोग ही नही किया या फिर दुरुपयोग किया। उसके बावजूद उनके विरुद्ध कार्यवाही करने मे देरी की जाती है। बेनीवाल ने कहा इस मामले को लेकर वो केंद्र सरकार को पुन पत्र भी लिखेंगे साथ ही मुद्दा भी उठाएँगे।

पेट्रोल -डीजल की बढ़ती कीमते चिंता का विषय

लोक सभा मे सांसद हनुमान बेनीवाल ने पेट्रोल-डीजल व एलपीजी की बढ़ती कीमतो से जुड़ा सवाल पूछा जिस पर मंत्री ने लिखित मे जवाब दिया। संसद से मिली जानकारी के अनुसार एक अप्रेल 2019 को जहाँ पेट्रोल की कीमत 77.26 रुपये प्रति लीटर थी जो जुलाई 2021 मे बढ़कर 102 रुपए से अधिक हो गई वही एक अप्रेल 2019 को जहाँ डीजल की कीमते 71.81 रुपये प्रति लीटर थी जो जुलाई 2021 मे बढ़कर 97 रुपए से अधिक हो गई और एलपीजी की कीमत 762 रुपये से बढ़कर 887 रुपये हो गई |

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