गुवाहाटी : RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सब का DNA एक वाले बयान के बाद आज गुवाहाटी में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) पर कहा कि इससे किसी मुसलमान को कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि CAA और NRC का हिंदू-मुस्लिम विभाजन से कोई लेना-देना नहीं है। गुवाहाटी में भागवत ने कहा कि राजनीतिक पार्टिया अपने लाभ के लिए इसे साम्प्रदायिक रूप दिया गया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख ने बताया कि नागरिकता कानून पड़ोसी देशों में उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करेगा। “हम आपदा के दौरान इन देशों में बहुसंख्यक समुदायों तक भी पहुंचते हैं। इसलिए अगर कुछ ऐसे हैं जो खतरों और डर के कारण देश में आना चाहते हैं, तो हमें निश्चित रूप से उनकी मदद करनी चाहिए।”
CAA & NRC haven’t been formed against any citizen of India. Indian Muslims will face no loss due to CAA. After partition, assurance was given that we’ll take care of minorities of our country. We’re abiding by that till today, Pakistan didn’t: RSS Chief Mohan Bhagwat, in Guwahati pic.twitter.com/hla2iap3gK
— ANI (@ANI) July 21, 2021
सांप्रदायिक बता लाभ लेना चाहते हैं कुछ लोग – RSS प्रमुख मोहन भागवत
पुस्तक विमोचन पर मोहन भागवत ने कहा कि सभी देशों को यह जानने का अधिकार है कि उसके नागरिक कौन हैं। उन्होंने कहा, “मामला राजनीतिक क्षेत्र में है क्योंकि सरकार इसमें शामिल है। लिहाजा लोगों का एक वर्ग इन दो मुद्दों के इर्द-गिर्द एक सांप्रदायिक कहानी बनाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहता है।”
