नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में हुए हंगामे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जंग जारी है। गुरुवार को पहले विपक्ष ने मार्च निकालकर सरकार पर निशाना साधा और अब सरकार की ओर से पलटवार किया गया। केंद्र की ओर से कहा गया है कि राज्यसभा चेयरमैन को इस पूरी घटना की जांच कर विपक्षी सांसदों के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए।
गुरुवार दोपहर को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रहलाद जोशी, मुख्तार अब्बास नकवी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, अनुराग ठाकुर, अर्जुन मेघवाल, वी. मुरलीधरन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान सड़क से संसद तक विपक्ष ने अराजकता फैला रखी है। पूरे विपक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए।
सरकार द्वारा विपक्ष पर किए गए 8 बड़े हमले…
1. पहले से ही सत्र बर्बाद करने का तय कर चुका था विपक्ष, इसलिए सदन में काम नहीं करने दिया।
2. कोरोना, महंगाई, कृषि बिल पर सरकार चर्चा को तैयार थी, विपक्ष पेगासस पर अड़ा रहा।
3. 2004 से 2014 तक यूपीए सरकार ने दर्जनों बिल बिना चर्चा के पास किए, हमने चर्चा करने की कोशिश की।
4. जिन 6 सांसदों को सस्पेंड किया गया था, वो शीशा तोड़कर सदन में आना चाहते थे. इस दौरान महिला मार्शल को चोट लगी।
5. 9 अगस्त को टेबल पर चढ़कर हंगामा किया गया, रूलबुक को चेयर की ओर फेंका गया, ये एक कातिलाना हमला था।
6. विपक्ष की महिला सांसदों ने ही लेडी मार्शल के साथ धक्का-मुक्की की, वीडियो फुटेज में ये साफ हुआ।
7. कोई भी बाहरी सुरक्षाकर्मी सदन में नहीं आए, सिर्फ 30 सुरक्षाकर्मी जो सदन के ही हैं, वो मौजूद थे।
8. विपक्ष सिर्फ अपनी बात कहने और डिविजन के वक्त शांत रहा, बाकि पूरे समय हंगामा किया गया और चेयर का अपमान किया गया।
