टोक्यो: पांच साल के लंबे इंतजार के बाद 23 जुलाई को टोक्यो ओलंपिक 2020 की ओपनिंग सेरेमनी के साथ सबसे बड़े खेल आयोजन की शुरुआत हो गई है। आतिशबाजी और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ ओलंपिक की शुरुआत हुई। आम तौर पर ओपनिंग सेरेमनी और सभी देशों के खिलाड़ियों के मार्च पास्ट ओलिंपिक गेम्स के मुख्य आकर्षण में एक होते हैं, लेकिन इस बार कोरोना के कारण सिर्फ 1000 खिलाड़ी और अधिकारी ही इस कार्यक्रम में मौजूद ग्रीस के दल ने सबसे पहले मार्च-पास्ट किया।
इसके बाद भारतीय दल ने 21 वें नंबर पर मार्ट-पास्ट किया। भारत की पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और भारत की बॉक्सिंग स्टार मैरी कॉम भारत की ओर से ध्वजवाहक बने। पिछले साल कोविड 19 की वजह से टोक्यो ओलंपिक को स्थगित करना पड़ा था। इस बार बिना दर्शकों के ओलंपिक का आयोजन हो रहा है। कोविड-19 की वजह से मारे गए लोगों को भी ओपनिंग सेरेमनी में याद किया गया।
#WATCH | The Indian contingent led by flagbearers boxer MC Mary Kom & men’s hockey team captain Manpreet Singh enters the Olympic Stadium in Tokyo
(Video source: Doordarshan Sports) pic.twitter.com/G0hiGR7rBW
— ANI (@ANI) July 23, 2021
खिलाडी 33 खेलों में 339 गोल्ड के लिए दावेदारी पेश करेंगे
इस बार ओलिंपिक में करीब 11,238 खिलाड़ी 33 खेलों में 339 गोल्ड के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं। इस ओलिंपिक में भारत की और से 124 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इसमें से 69 पुरुष और 55 महिला एथलीट और बाकी स्टाफ मेंबर्स होंगे। भारतीय एथलीट इस बार 85 मेडल के लिए दावेदारी पेश करेंगे। ओपनिंग सेरेमनी में जापान के सम्राट नारुहितो भी शामिल हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पत्नी जिल बाइडेन भी सेरेमनी में मौजूद थी। नोबेल शांति पुरस्कार जीत चुके बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस को विशेष ओलिंपिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
ओलिंपिक में इस बार खुद ही पहनना होगा मेडल
ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हर एथलीट का सपना होता है मेडल जीतना। जीत हासिल करने वाले एथलीटों को पोडियम पर मेडल पहनाया जाता है। यह लम्हा उनके जीवन का सबसे यादगार पल भी बन जाता है, लेकिन कोरोना महामारी के कारण टोक्यो ओलिंपिक में ऐसा नहीं होगा। इस बार विजेता एथलीटों को खुद ही अपने गले में मेडल डालना होगा। साथ ही मेडल सेरेमनी के दौरान एथलीटों के हाथ मिलाने और गले मिलने पर रोक होगी।



