जयपुर: निजी अस्पताल बीमारी के इलाज के लिए मरीजों से ज्यादा पैसा न वसूल सके। कोरोना की तर्ज पर सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए पहले चरण में प्रदेश के 20 अस्पतालों को अधिकृत किया गया है। सरकार की नई गाइड लाइन के मुताबिक निजी अस्पताल संचालक ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज से आईसीयू विद वेंटिलेटर बेड के 9900 रुपए से ज्यादा चार्ज नहीं ले सकेंगे।
निजी अस्पतालों में ज्यादा वसूली न हो, इसलिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इसमें आईसीयू विद वेंटिलेटर बेड के अधिकत 9900 रुपए, आईसीयू बेड के 8250 रुपए की दर निर्धारित की है। हालांकि इन बेड के अलावा अन्य चार्जेज डॉक्टर का परामर्श शुल्क, नर्सिंग चार्ज, मरीज को देने होंगे। दवाइयां, जांच सहित तमाम शुल्क अलग से देने होंगे।
11 से 52 हजार रुपए तक सर्जरी शुल्क
इस बीमारी में ग्रसित मरीजों में कई की सर्जरी भी करनी पड़ती है। करीब 6 तरह की सर्जरी के लिए भी सरकार ने शुल्क निर्धारित किए हैं, जो 11 से लेकर 52 हजार रुपए के बीच है।
इन अस्पतालों को किया गया अधिकृत
SMS अस्पताल जयपुर, जयपुरिया अस्पताल जयपुर, महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज जयपुर, गीतांजली मेडिकल कॉलेज उदयपुर, जैन ईएनटी अस्पताल जयपुर, नारायणा ह्रदयालय अस्पताल जयपुर, सीएसके अस्पताल जयपुर, सोनी अस्पताल जयपुर, सिद्धम ईएनटी अस्पताल जयपुर, देशबंधु ईएनटी अस्पताल जयपुर,मेडिकल कॉलेज जोधपुर, एम्स जोधपुर, जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर, आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर, राजकीय मेडिकल कॉलेज बीकानेर, राजकीय मेडिकल कॉलेज कोटा, राजकीय मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा, विजय ईएनटी अजमेर, श्रीराम अस्पताल जोधपुर और वैजयन्ती हॉस्पिटल अलवर।
