नई दिल्ली। सीबीआई ने राजस्थान के बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर केस की जांच को स्वीकार लिया है। राज्य सरकार ने इसे सीबीआई की जांच का अनुरोध भेज था जिसे गृह मंत्रालय ने मंजूरी देकर सीबीआई को जांच के लिए सुपुर्द किया है।

कमलेश प्रजापत मामले को लेकर हाल ही में आरएलपी के सुप्रीमों हनुमान बेनीवाल ने भी प्रधानमंत्री से सीबीआई जांच का अनुरोध किया था। इस केस् को लेकर बाड़मेर कांग्रेस के नेता दो गुटों में बंटे हुए थे तथा गहलोत सरकार के एक मंत्री व उनके भाई का नाम आ रहा है। मृतक कमलेश प्रजापत की पत्नी हाइकोर्ट भी गई थी,लेकिन जब राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की मांग को स्वीकार करते हुए केंद्र को अनुरोध पत्र भेज दिया था तब से केंद्र की स्वीकृति का ही इंतजार हो रहा था।
आखिर आज सीबीआई ने इस केस की जांच की प्राथमिकी दर्ज कर शुरूआत कर दी। आपको बता दे पिछले दिनों कांग्रेस विधायक मदन प्रजापत, मीठालाल जैन व अमीन खान दिल्ली भी गए थे। सबसे पहले मदन प्रजापत ने ही कमलेश एनकाउंटर की सीडी जारी कर सीबीआई जांच की मांग उठाते हुए कहा था कि ये फर्जी एनकाउंटर हुआ है।
#बाड़मेर में हुए कमलेश प्रजापत फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच अब CBI द्वारा करने से बड़े चेहरे सामने आएंगे वहीं बाड़मेर में लंबे समय से चल रहे पुलिस,नेताओ तथा माफियाओं के गठजोड़ की सच्चाई भी सामने आने की पूरी उम्मीद है !
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) July 7, 2021
सीबीआई जांच से बड़े चेहरे होंगे बेनकाब -हनुमान बेनीवाल
राजस्थान के बाड़मेर जिले में हुए कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में विगत दिनों सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा पीएम मोदी को जांच की स्वीकृती देने की मांग को लेकर लिखे गए। पत्र के बाद सीबीआई द्वारा जांच की मंजूरी देने के बाद आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीबीआई जांच से मामले में पर्दे के पीछे कुछ बड़े चेहरे थे। वो बेनकाब होंगे साथ ही बाड़मेर जिले में लंबे समय से पुलिस, नेता व माफियाओं के गठजोड़ की सच्चाई भी सामने आने की पूरी उम्मीद है। सांसद बेनीवाल ने यह बात ट्वीट करकर कही।
