जयपुर: जयपुर के नाहरगढ़ अभ्यारण्य एरिया में लेपर्ड शावक का शव मिला है। अभयारण्य के मायला बाग में धनुषधारी हनुमान के मंदिर के पीछे मिला शव 5 महीने के मेल लेपर्ड का बताया जा रहा है। लेपर्ड शावक की मौत आपसी संघर्ष के दौरान हुई है। दूसरे बड़े मेल लेपर्ड ने शावक को अपना शिकार बनाया है।
स्थानीय लोगों से फॉरेस्टर गौरव राठी को रविवार सुबह सूचना मिली कि जंगल में लेपर्ड का शव पड़ा है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम लेपर्ड के शव को पशुचिकित्सा पॉली क्लिनिक लेकर गई। जहां मेडिकल बोर्ड में सीनियर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद माथुर, डॉ पुरुषोत्तम शर्मा और डॉ. उषा चौधरी ने लेपर्ड शावक की जांच कर पोस्टमॉर्टम किया।
डॉ अरविन्द माथुर ने बताया कि लेपर्ड शावक करीब 5 महीने का है। उसकी डेड बॉडी पर दूसरे लेपर्ड के दांत गड़ाने के निशान मिले है। साथ ही उस लेपर्ड के पगमार्क भी मौके से मिले हैं। यह ताजा संघर्ष की निशानी है। सम्भव है रात को लेपर्ड ने शावक को मारा है। आपसी संघर्ष में उसकी जान गई है। शव का पोस्टमॉर्टम कर दिया गया है।
