जयपुर। कांग्रेस में हुए राजनीतिक नियुक्तियों की दूसरी लिस्ट में शामिल कई नेताओं को सम्मानजनक पद नहीं मिलने के कारण उन्होंने लिस्ट आते ही अपना विरोध दर्ज करवाते हुए सोशल मीडिया पर शेयर किया कि वे इस पद को नहीं संभालेंगे। इनमें पायलट समर्थक दो प्रमुख नेता राजेश चौधरी और सुशील आसोपा शामिल है। राजेश चौधरी को बीसुका में सदस्य बनाया गया है, जबकि सुशील आसोपा को बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड में सदस्य बनाया गया है। आसोपा ने पद को ठुकराते हुए कहा है कि नियुक्ति से पहले मेरी कोई सहमति नहीं ली गई। साथ ही अपने गुस्से का इजहार करते हुए लिखा है कि मैं 42 महीने की नौकरी छोडकऱ पदों के लिए कांग्रेस में नहीं आया। तो दूसरी तरफ राजेश चौधरी ने अपरिहार्य कारण बताते हुए असमर्थता प्रकट की है और कहा है कि मेरी जगह किसी अन्य सक्रिय कार्यकर्ता को मौका दे दिया जाना चाहिए। हालांकि दोनों ने ही कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि वे कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। आसोपा व चौधरी जब सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे तब संगठन की कौर टीम के सदस्य माने जाते थे।
जो राजनैतिक नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा मुझे आज दी गई है उसे मैं अस्वीकार करता हूँ क्योंकि मेरी सहमति नहीं ली गई। मैं 42 महीने की नौकरी छोड़कर पदों के लिए कांग्रेस में नहीं आया। जीवन भर निःस्वार्थ सेवा करता रहूंगा।@ajaymaken @ashokgehlot51
— Sushil Asopa (@SushilAsopa) February 28, 2022

