मुंबई/ जयपुर। भारतीय लोगोंको लेकर यूक्रेन से पहली फ़्लाइट (AI 1944 ) सुरक्षित ढंग से शनिवार रात कोमुम्बई में पहुंची जिसमें राजस्थान की आठ छात्राएँ शामिल थीं। राजस्थान सरकार की तरफ़ से आयुक्त राजस्थान फ़ाउंडेशन एवं राज्य नोडल अधिकारी धीरज श्रीवास्तव की मदद से सभी छात्राओं को सुरक्षित नवी मुंबई स्थित राजस्थान भवन पहुंचाया गया।इन सभी छात्राओं ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किए जा रहे प्रबंध एवं उनकी सहायता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
राजस्थान फ़ाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव के निर्देशन में इनके लिए सभी लॉजिस्टिक्स व्यवस्थाएं, जिसमें रहना खाना और उनके घरों तक पहुँचाना राज्य सरकार के खर्चे पर सुनिश्चित किया गया। राजस्थान भवन के मनोज तिवारी एवं सौरभ सिन्हा द्वारा सभी छात्राओं को सुरक्षित राजस्थान भवन ले जाया गया है जहाँ उनके ठहरने का समुचित प्रबंध किया गया है। यहाँ सभी छात्राओं का स्वागत फूल मालाओं से किया गया एवं उन्हें पूरी तरह घर का एहसास दिलाया गया।
सभी छात्राओं के अभिभावकों ने भी उनसे बातचीत की और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार व्यक्त किया। रविवार को उन्हें सुरक्षित उनके शहरों तक फ़्लाइट एवं अन्य साधनों से भेजा जाएगा। राजस्थान सरकार इन छात्राओं की सहायता के लिए तत्पर है तथा यूक्रेन में फँसे हुए अन्य छात्र छात्राओं को भी विदेश मंत्रालय से समन्वय कर शीघ्र ही सुरक्षित भारत लाने के लिए प्रयासरत है।

