जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि किसी काली दुल्हन को ब्यूटी पार्लर में ले जाकर अच्छे से श्रृंगार करके उसे पेश कर दिया गया हो। इससे ज्यादा बजट में कुछ लगता नहीं है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा उनकी कथनी और करनी में फर्क है। धरातल पर घोषणाएं नहीं उतरती हैं। किसान कर्जमाफी उसका बड़ा उदाहरण है। प्रदेश में 27 फीसदी बेरोजगारी से निपटने का कोई रोडमैप नहीं दिया। केवल सियासी बयान दिया गया। ऐसा लगता है मुख्यमंत्री कल विधानसभा को भंग करेंगे,परसो चुनाव में जाएंगे। राजस्थान के लोगों को इस लीपापोती वाले बजट से कुछ हासिल नहीं होगा।
नीति का नहीं राजनीति का है बजट
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा- यह बजट ज्यादातर जनता को निराश करने वाला है। यह नीति का बजट नहीं, मेरे हिसाब से राजनीति का बजट है। मुझे इसमें कोई विजन नहीं दिखा। किसानों के लिए पहली बार बजट की घोषणा की है। लेकिन किसानों के साथ भी छलावा है।
जनता को ठगने का काम किया
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने कहा पिछले बजट में बेरोजगारों को भत्ता देकर ठगने का धंधा किया गया। इस बजट में राजस्थान की जनता को सब्जबाग (हरियाली) दिखाकर ठगने का काम सरकार ने किया है। ईस्टर्न राजस्थान कैनल प्रोजेक्ट के लिए कटारिया ने कहा पूरे प्रस्ताव का कागज बनाकर केन्द्र के पास भेजना पड़ता है। केवल यहीं राजस्थान में बोलने से काम नहीं चलता है। केन्द्र में जाकर भी कोशिश करनी पड़ती है। अब सरकार ने विधानसभा में कह दिया है कि हम अपने बजट से ईस्टर्न राजस्थान कैनाल का काम करेंगे। यह काम ना आज हो सकता है ना कल हो सकता है।
घोषणाएं करना और भूल जाना सरकार की फितरत
उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा घोषणाएं करना और भूल जाना इस कांग्रेस सरकार की फितरत रही है। इस सरकार ने बजट में जितनी घोषणाएं की हैं,उतने रिसोर्सेज कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। राजस्थान के किसानों के साथ धोखा किया गया है। में हर वर्ग के लिए निराशा लेकर ये बजट आया है। ये बजट राजस्थान की अर्थव्यवस्था में काला धब्बा साबित होगा।


