जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अलग से पहला कृषि बजट पेश कर नया इतिहास रच दिया। कृषि बजट के माध्यम से कई सौगाते दी गई है।
कृषि बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं
- मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का बजट 2 हजार करोड़ से बढाकर 5000 करोड़ किया
- राजस्थान के कृषकों के लिए 11 मिशन शुरू करेंगे।
- संभाग मुख्यालयों पर माइक्रो इरिगेशन का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा।
- संभागों के लिए बीज लैब बनेगी।
- राजस्थान ऑर्गेनिक फार्मिंग मिशन शुरू होगा।
- मुख्यमंत्री जैविक खेती मिशन शुरू होगा
- राजस्थान कमोडिटी बोर्ड का गठन।
- राजस्थान मिलट योजना बनेगी।
- राजस्थान में संरक्षित खेती मिशन शुरू होगा, ग्रीन हाउस, शेडनेट हाउस में खेती के लिए टीएसपी क्षेत्र के किसानों को 25 फीसदी एक्सट्रा अनुदान मिलेगा। अगले 2 साल में 20 हजार किसानों को 400 करोड़ का अनुदान मिलेगा। पहले साल 10 हजार किसानों को फायदा।
- भूमिहीन कृषि मजदूरों को 5000 रुपए की सहायता देगी सरकार।
- 4171 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर ग्राम सेवा सहकारी समिति जीएसएस बनेंगी। जीएसएस खोने के मापदंडों में भी छूट दी।
- मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट के लिए 40 करोड़ अनुदान मिलेगा। जोधपुर में बाजरे का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा।
- राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन शुरू होगा। 35 हजार किसानों को खेतों की तारबंदी के लिए अनुदान मिलेगा।
- सभी जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली अनुदान मिलेगा। इस साल 20 हजार करोड़ के सहकारी फसली कर्ज बांटे जाएंगे, 5 लाख नए किसानों को फसली कर्ज दिए जाएंगे – 1 लाख अकृषि परिवारों को भी कर्ज मिलेगा।
- किसानों के लिए ड्रोन खरीदेगी सरकार, ड्रोन से कीटनाश्कों का स्प्रे करवाया जाएगा। एफपीओ को ड्रोन दिए जांगें। एफपीओ से किसान ड्रोन किराए पर ले सकेंगे।
- जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।
- लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 20 करोड़ रुपये प्रावधान किया। निशुल्क बीज उपलब्ध कराने के लिए 30 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
- नीलगाय और आवारा पशुओं से फसल बचाव के लिए तारबंदी की दरों में रियायत की घोषणा। किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंपों की खरीद पर सरकार की ओर से रियायत दी जायेगी।
- सीएम अशोक गहलोत ने रियायती दरों पर नई फूड प्रोसेसिंग सेन्टर बनाने की घोषणा की हैं। वहीं महंगे कृषि यंत्रों के लिए नए कस्टम हायरिंग सेन्टर का भी ऐलान किया गया है।
- सोलर पंप स्थापित करने के लिए 500 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा। एक लाख किसानों लाभान्वित होंगे।
- तीन साल में 2 लाख 48 हजार कृषि कनेक्शन दिए हैं। 31 दिसंबर 2012 से 9 साल से चली आ रही पेंडिंग को आगामी दो साल में खत्म करेंगे। 22 फरवरी तक सरकार के पास 3 लाख 38 हजार आवेदन आ चुके हैं।
- सभी जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली अनुदान मिलेगा।
- पूर्वी राजस्थान नहर निगम के गठन की घोषणा।
- मधुमक्खी पालन के लिए मिलेगा 50 करोड़ का अनुदान।
- मिनी फूड पार्क और मिनी एग्रो पार्क बनाए जाने की बड़ी घोषणा।
- 9 वर्ष से अधिक की पेंडेंसी की लगभग 3,38,000 विद्युत कनेक्शन आवेदन एक साथ खत्म करने के लिए आगामी 22 फरवरी तक के सभी आवेदन विद्युत कनेक्शनों को 2 साल में जारी किया जाएगा।
- हॉर्टिकल्चर मिशन पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 5 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट की स्थापना की जाएगी। इसमें 15000 किसानों को लाभान्वित करने के लिए 100 करोड़ की लागत से 2 साल में फल बगीचे विकसित करने के लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा।
- 25000 किसानों को ग्रीन हाउस जैसी अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
- पीपलखूंट हाई कैनाल परियोजना का चरण शुरू होगा, बांसवाड़ा में बांधों का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा, 100 वाटर हार्वेस्टिंग एनिनिकट के काम होंगे।
- राजसमंद जिले में 30 करोड़ की लागत से मिल्क प्लांट खोला जाएगा।
- 5000 नए डेयरी बूथ खोले जाएंगे, ऊंट सरक्षण विकास नीति आएगी, 2 साल में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर GSS स्थापना होगी।
- बांसवाड़ा में बांधों का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा।
- कृषक कल्याण कोष के रूप में लगने वाला टैक्स घटाया गया।
- कृषक कल्याण टैक्स में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई गई है।
- RIPS का लाभ एक साल बढ़ाया, उद्योगों के लिए अब 5 साल तक विभागों की मंजूरी की जरूरत नहीं।
- दूध पर अनुदान राशि 2 रुपए से 5 रुपए करने की बड़ी घोषणा।
- कृषक कल्याण शुल्क में छूट को 1 वर्ष बढ़ाया
अब ईस्टर्न कैनाल खुद बनाएगी गहलोत सरकार
- ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट के लिए ईआरसीपी कॉर्पोरेशन बनेगा, ईआरसीपी के लिए 9600 करोड़ का प्रावधान। नोदरा, ईशरदा लिंक का काम हाथ में लिया जाएगा। ईस्टर्न कैनाल का काम अब राजस्थान सरकार ने खुद हाथ में लेने का फैसला किया है।
- पिछले विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी ने इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं मिला है। गहलोत कई बार पीएम को लिख चुके हैं। अब गहलोत सरकार ने ईआरसीपी का काम खुद हाथ में लेने का फैसला किया है। ईस्टर्न कैनाल से पूर्वी राजस्थान के जिलों को सिंचाई और पीने का पानी मिलेगा।
- भूमिहीन कृषि मजदूरों को 5000 रुपए की सहायता देगी सरकार।
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