अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग RAS प्री परीक्षा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के आए निर्णय पर कल फुल कमीशन की बैठक में निर्णय करेगी कि इस फैसले को डबल बैच में चुनौती देनी है अथवा नहीं। इसी बैठक में 25 व 26 फरवरी को होने वाली परीक्षा को लेकर भी निर्णय की उम्मीद है, क्योंकि बदली परिस्थितियों में इन तिथियों पर परीक्षा करवाया जाना संभव नजर नहीं आता है।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि RAS प्री परीक्षा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के आए फैसले के बाद से RPSC दफ्तर में हलचल तेज हो गई थी जो देर रात तक जारी थी। प्रत्येक कानूनी पहलुओंं पर भी विधि विशेषज्ञों की राय ली जा रही है ताकि आयोग को फिर मुंह की नहीं खानी पड़े। जहां तक RAS मुख्य परीक्षा का सवाल है उसे निर्धारित तारीख को करवा पाना तकनीकी दृष्टि से भी संभव नहीं हैं। अगर आयोग सिंगल बैच के फैसले को चुनौती भी देगा तो यह कोई जरूरी नहीं कि एक दिन में ही स्टे मिल जाए और कोर्ट मुख्य परीक्षा करवाने की साथ में हरी झण्डी दे देवे। 25 व 26 फरवरी को होने वाली परीक्षा में समय भी अब इतना नहीं बचा कि डीबी के निर्णय के आधार पर उसे यथावत रखा जा सके। डीबी का क्या फैसला होगा ये भविष्य के गर्भ में हैं। हां, आयोग इस फैसले के खिलाफ डीबी में जाएगा इसकी पूरी संभावना हैं।
सूत्रों ने बताया कि RAS परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट के इस फैसले ने सरकारी स्तर पर भी खलबली मचाकर रख दी हैं, क्योंकि कल ही मुख्यमंत्री का RAS मुख्य परीक्षा को निर्धारित तिथि को ही करवाने का स्टेटमेंट आया हैं। उन्होंने तिथि बढ़ाने से साफ इंकार कर दिया था,जबकि उन्हीं के मुख्य सलाहकार संयम लोढा तथा पायलट समर्थक विधायक वेदप्रकाश सोलंकी व मुकेश भाकर सहित बड़ी तादाद में कांग्रेसी भी परीक्षा तिथि को आगे बढ़ाने की वकालत कर रहे थे। सोलंकी तथा भाकर तो RAS मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों के धरना स्थल पर जाकर अपना समर्थन व्यक्त करके आए थे। फिलहाल सभी को कल की फुल कमीशन की होने वाली बैठक और उसमें लिए जाने वाले निर्णय का इंतजार हैं।
