जयपुर : महाराणा प्रताप को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का बयान लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर श्रीराजपूत करणी सेना ने भी डोटासरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। श्रीराजपूत करणी सेना ने जयपुर में जूते और चप्पल की माला पहनाकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का पुतला जलाया। महाराणा प्रताप और अकबर के युद्ध को सत्ता का संग्राम बताने पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया। करणी सेना ने गोविंद सिंह डोटासरा को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
करणी सेना ने इस मामले पर बीजेपी पर भी ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा बीजेपी ने भी गुलाबचन्द कटारिया को अब तक नेता प्रतिपक्ष पद से नहीं हटाया है। जब तक महाराणा प्रताप के सम्मान में डोटासरा और कटारिया दोनों नेताओं को नहीं हटाया जाएगा, राजपूत समाज इन पार्टियों का विरोध करेगा।
महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए किया संघर्ष
महिपाल सिंह मकराना ने चेतावनी देते हुए कहा करणी सेना बख्शने वाली नहीं हैं। अबकी बार डोटासरा के घर में घुसकर उनका काला मुंह किया जाएगा। चाहे उन्हें ‘Y ‘ या ‘Z’ कैटेगरी की सुरक्षा दे दी जाए। उन्होंने कहा पूरा प्रदेश जानता है हम क्या कर सकते हैं। हमें मत उकसाओ। बार-बार राजनेता समाज के पुरोधाओं के लिए अपने मुंह से कुछ भी बोल जाते हैं। महाराणा प्रताप केवल राजपूत समाज के लिए नहीं 36 कौम के लिए लड़े थे। वह सत्ता की नहीं, स्वाभिमान की लड़ाई थी। अपने परिवार को घास की रोटियां खिलाकर भी वो जंगलों में भटकते रहे। अपने स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए उन्होंने संघर्ष किया। महाराणा प्रताप के नेतृत्व में मेवाड़ ने कभी मुगलों की पराधीनता स्वीकार नहीं की।
एक सांपनाथ-एक नागनाथ
मकराना ने कहा कि कटारिया और डोटासरा में से एक सांपनाथ और एक नागनाथ है। दोनों के मन में जहर भरा है। मैं बीजेपी के नेताओं को भी बोलना चाहता हूँ जिस दिन कटारिया ने महाराणा प्रताप के खिलाफ बोला था, उस दिन बीजेपी नेता चुप क्यों बैठे थे। महापुरूषों पर वे राजनीति नहीं करें। बीजेपी कटारिया का भी उतना ही विरोध करें जितना आज डोटासरा का कर रही है। जब भी इस तरीके से कोई महापुरूषों पर लांछन लगाएंगा। हम उसे मुंहतोड़ जवाब देंगे। प्रदर्शन में जयपुर जिलाध्यक्ष नारायण सिंह दिवराला समेत जिले के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

