जयपुर। प्रदेश की करीब 52 हजार आशा सहयोगिनी अब चिकित्सा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण मे आ गई हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने प्रदेश भर में 52 हजार से ज्यादा आशा सहयोगिनियों का प्रशासनिक नियंत्रण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तहत करने की सहमति प्रदान कर दी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को सचिवालय में महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश के साथ हुई एक अहम बैठक में यह सहमति दी। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा, चिकित्सा विभाग के सचिव आशुतोष एटी पेडणेकर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ जितेंद्र कुमार सोनी, समेकित बाल विकास सेवाएं की आयुक्त श्रीमती उर्मिला राजोरिया सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मीणा ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थी एवं चिकित्सा विभाग के लाभार्थी समान होने के कारण यह सहमति दी गई है। उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनी को मानदेय आईसीडीएस विभाग द्वारा एवं इंसेंटिव चिकित्सा विभाग द्वारा दिया जा रहा है। चिकित्सा विभाग के अधीन आने से ना केवल आशा सहयोगिनियों को समय पर मानदेय मिल पाएगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा। गौरतलब है कि प्रदेश में 55816 मुख्य व 6204 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिसमें से 55816 आशा सहयोगिनी के पद स्वीकृत हैं। इन स्वीकृत पदों में 52810 पदों पर आशा सहयोगिनी कार्यरत हैं।
