जयपुर: रीट परीक्षा में धांधली की सीबीआई जांच की मांग पर मंगलवार को हुए विधानसभा कूच और भाजपा के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कई बीजेपी नेताओं के चोटें आईं। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और विधायक मदन दिलावर को चोट आई। मदन दिलावर को पुलिस के जवानों ने बैरिकेड के ऊपर से नीचे फेंक दिया, तो सतीश पूनिया बैरिकेड पर चढ़ रहे थे, लेकिन इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की में वो नीचे जा गिरे। अब इस मामले पर सियासत गरमा गई है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने खुदको धक्का देते हुए पुलिसवालों का वीडियो ट्वीट कर शेयर किया है।
यही धक्का 2023 में कांग्रेस की विदाई का कारण बनेगा. . . #BJPDemandsCBI4REET pic.twitter.com/AybFYmzNdu
— Satish Poonia (@DrSatishPoonia) February 15, 2022
उन्होंने लिखा है कि यही धक्का 2023 में कांग्रेस की विदाई का कारण बनेगा। पूनियां ने कहा है कि रीट की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हम लोग अंतिम दम तक लड़ेंगे। ना रुकने वाले हैं, ना झुकने वाले हैं।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां और साथी विधायक मदन दिलावर दोनों जब बैरिकेट्स पर चढ़कर उसे पार करने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें धक्का देकर और खींचकर नीचे गिरा दिया। इस दौरान सतीश पूनियां के हाथ और पैरों में चोटें आईं। जबकि मदन दिलवार कुछ देर के लिए बेहोश हो गए। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह दोनों नेताओं को आंदोलन के दौरान पुलिस ने बैरिकेट्स से नीचे गिरा दिया। इसके बाद वाटर कैनन भी छोड़ी गई।

सतीश पूनिया और मदन दिलावर को चोटें आने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दोनों को सम्भाला और वहीं पर धरना दे दिया। आंदोलन के तुरंत बाद सतीश पूनियां विद्याधर नगर में एक अस्पताल में पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी जांच करवाई। पूनिया और मदन दिलावर को धक्का देकर गिराए जाने और उनके चोटें आने से बीजेपी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। अब इसी वीडियो को आधार बनाकर बीजेपी के नेता पुलिस पर बलपूर्वक लाठीचार्ज करने का आरोप लगा रहे हैं।

