मुंबई : 80 और 90 के दशक में भारत में डिस्को संगीत को लोकप्रिय बनाने वाले संगीतकार और गायक बप्पी लहरी का मंगलवार रात 11 बजे मुंबई के क्रिटिकेयर अस्पताल में निधन हो गया। वह 69 वर्ष के थे। अस्पताल के निदेशक डॉ दीपक नामजोशी ने पीटीआई को बताया कि “बप्पी लहरी को एक महीने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सोमवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनके परिवार ने एक डॉक्टर को उनके घर बुलाया। उन्हें फिर अस्पताल लाया गया। उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं। उनकी मृत्यु हो गई। आधी रात से कुछ समय पहले ओएसए (ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया) के कारण।“
म्यूजिक इंडस्ट्री में बप्पी लहरी को डिस्को किंग कहा जाता था। उनका असली नाम अलोकेश लहरी था। बप्पी लहरी अपने म्यूजिक के साथ साथ सोना पहनने के अंदाज को लेकर भी जाने जाते थे। बप्पी दा इंडस्ट्री में अपनी अलग आवाज और संगीत के लिए पहचाने जाते थे। उन्हें 1975 में आई फिल्म जख्मी से पहचान मिली थी। पॉप म्यूजिक को भारत लाने का श्रेय बप्पी लहरी को ही जाता है। बप्पी दा ने साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में दावेदारी पेश की थी। नामांकन के दौरान सिंगर बताया था कि उनके पास कुल 752 ग्राम सोना और 4.62 किलो चांदी है।
हालांकि बीते साल उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि किशोर कुमार की फिल्म बढ़ती का नाम दाढ़ी से उन्होंने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है। इसके बाद उनके खाते में बाजार बंद करो, चलते चलते, आप की खातिर, लहम के दो रंग, वारदात, नमक हलाल, शराबी, हिम्मतवाला, सत्यमेव जयते, आज का अर्जुन, थानेदार सहित कई फिल्मों के गाने आए। 2020 में बागी 3 का गाना बंकस बॉलीवुड में आखिरी गाना था।
