जयपुर : REET पेपर लीक प्रकरण में लेवल-2 का पेपर आउट होने के बाद जहां सरकार ने भर्ती परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने का फैसला किया है। वहीं, अब अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। REET लेवल-2 में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे चुनिंदा लोगों की वजह से सरकार हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में डाल रही है।
REET लेवल-2 के अभ्यर्थी अमरीश का कहना है कि पिछले कई सालों की मेहनत से इस बार अच्छे नंबर हासिल किए थे। लेकिन सरकार ने मेरी सालों की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया है। जबकि पिछले 3 साल से नौकरी छोड़ मैं सिर्फ REET की तैयारी कर रहा था। परीक्षा रद्द होने के बाद अब मेरे पास कोई और रास्ता नहीं बचा है। इसलिए अब लेवल-2 के अभ्यर्थी मिल हाईकोर्ट में REET लेवल-2 रद्द नहीं करने के लिए याचिका लगाएंगे।
वहीं, लेवल-2 में शामिल हुई ज्योति ने कहा कि सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि सिर्फ 200 से 300 लोगों के पास पेपर पहुंचा था। ऐसे में लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा को रद्द करने का सरकार का फैसला सरासर गलत है। ज्योति ने कहा कि सरकार सिर्फ विपक्ष के दबाव में आकर परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है। जिससे राजस्थान के हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में आ गया है।
बता दें कि REET का रिजल्ट सिर्फ 36 दिन के अंदर जारी कर दिया गया था। रीट के लिए इस बार 25 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें से 11 लाख चार हजार 216 को पात्र घोषित किया गया था। इनमें लेवल-1 के लिए 3 लाख तीन हजार 604 और लेवल-2 के लिए 7 लाख 73 हजार 612 को पात्र घोषित किया गया था। लेवल-2 के रद्द होने के बाद अब सिर्फ लेवल-1 के अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति दी जा रही है। ऐसे में अब लेवल-2 के अभ्यर्थी भी भर्ती प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए कोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे है।
