भीलवाड़ा : भीलवाड़ा व टोंक जिले की सीमा पर धडल्ले से हो बजरी परिवहन ने एक और परिवार का चिराग बुझा दिया। देवली एसबीआई चौराहे पर बजरी से भरे एक ट्रैक्टर ने एक युवक को चपेट में ले लिया। जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं इस घटना के बाद मृतक के परिजन व अन्य ग्रामीणों ने बजरी माफिया के खिलाफ अपना आक्रोश दिखाते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया। इधर, इस घटना की जानकारी मिलने के बाद जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा भी मौके पर पहुंच गए और बजरी माफिया पर कार्रवाई व मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। घटना के बाद देवली थाना पुलिस व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। काफी वार्ता के बाद परिजन शव उठाने पर सहमत हुए।
यातायात रहा बाधित
मालपुरा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश बैरवा ने बताया कि देवली थाने की सीमा में एसबीआई चौराहे पर गाड़िया लुहार बस्ती निवासी सांवरा पुत्र बंशीलाल लुहार को एक बजरी से भरे ट्रेक्टर ने चपेट में ले लिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन गुस्सा गए तथा उन्होंने शव को सड़क पर ही रखकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। इसके चलते यातायात 5 घंटे तक बाधित रहा। इसी दौरान जहाजपुर विधायक गोपी चंद मीणा भी मौके पर पहुंचे और मृतक परिवार के परिजनों के साथ धरने पर बैठकर उचित कारवाई की मांग करने लगे।
आर्थिक सहायता के साथ संविदा पर नौकरी देने पर बनी सहमती
इस हंगामे की सूचना पर उपखंड अधिकारी भारत भूषण गोयल, अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार मीणा, पालिका उपाध्यक्ष सौरभ जिंदल, थाना प्रभारी राजेंद्र खंडेलवाल, नायब तहसीलदार कैलाशचंद मीणा सहित अधिकारियों व पुलिसकर्मियों ने समझाइश की। इसके बाद प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से आर्थिक सहायता दिलाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, नगर पालिका मंडल से 50 हजार रुपए की सहायता दिलाने तथा पालिका मंडल में संविदा पर नौकरी दिलाने के आश्वासन के बाद परिजन शव लेने के लिए राजी हुए। इसके बाद देर रात शव को राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।

