जयपुर। राजस्थान विधानसभा में REET को लेकर बीजेपी विधायकों ने आज तीसरे दिन भी हंगामा जारी रखा । जिसके कारण सदन में गतिरोध बना हुआ है। बीजेपी विधायक REET की सीबीआई जांच पर अड़े है। स्पीकर के प्रयासों के बावजूद भी बात नहीं बनी। उधर, सरकार ने सीबीआई जांच करवाने से इनकार कर दिया है। REET पर कल हंगामे के दौरान भाजपा के चार विधायको का निलंबन भी वापस नहीं हुआ, हालांकि स्पीकर के कक्ष में इसको लेकर पक्ष-विपक्ष में वार्ता जरूर हुई थी। इस बीच REET विवाद को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी कह दिया कि पेपर लीक गैंग का पता लगाना चाहिए।
सीपी जोशी ने कहा कि जो बच्चे डिजर्व करते हैं, उन्हें नौकरी मिले, यह सुनिश्चित हो। सरकार उस पर बयान दे कि परीक्षाओं को गैंग से कैसे मुक्त कराएगी। सीबीआई जांच की विपक्ष की मांग पर मैं नहीं जाता, लेकिन नौकरी में फेयर सलेक्शन हो, यह गंभीर मुद्दा है। पेपर लीक के अपराधियों को चिन्हित करना जरूरी है। सदन में गतिरोध खत्म कर इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा होना जरूरी है। सरकार की भी सुननी चाहिए और हमें इस पर विचार करना होगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो।
वहीं REET पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने साफ कह दिया कि सरकार REET की सीबीआई जांच नहीं करवाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में REET पर जवाब देने को तैयार है। हम बीजेपी राज के कारनामे भी गिनाएंगे, हिम्मत है तो करिए मुकाबला। सदन में बहस कीजिए। यह सब दिल्ली के इशारे पर किया जा रहा है।
इससे पहले, उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने सदन शुरू होते ही REET का मामला उठाना चाहा, लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने इजाजत नहीं दी। स्पीकर के मना करने के बावजूद राठौड़ ने बोलना जारी रखा तो स्पीकर नाराज हो गए और फटकार लगाई।
भाजपा के 4 सस्पेंड विधायकों को सदन में लाने पर स्पीकर ने राजेंद्र राठौड़ से कहा- आप पार्लियामेंटेरियन हैं, कल 4 विधायकों को सस्पेंड किया था, उन्हें लेकर सदन में आ गए और हंगामा करवा रहे हो। मुझे संसदीय परंपराओं का ज्ञान दे रहे हो। स्पीकर सीपी जोशी ने पहले तो तल्ख तेवर दिखाए लेकिन बाद में प्रश्नकाल खत्म होते ही उनके तेवर नरम हुए। स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष से गतिरोध तोड़ने की बात कही जिसके बाद विपक्ष भी नरम पड़ा। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने REET पर चर्चा कराने के अलावा चार विधायकों का निलंबन वापस लेने और कल की घटना मंत्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
कटारिया और राठौड़ ने कहा कि जब तक चारों का निलंबन रद्द नहीं होता और REET पर कोई फैसला नहीं होता तब तक वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकते। इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि पहले बैठकर चर्चा कर लेते हैं। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि REET की सीबीआई जांच के बिना हम विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकते, हम असमर्थ हैं। इसके बाद बीजेपी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। कल राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान सीपीएम विधायक को बोलने से रोकने के बाद भारी हंगामा हुआ था। धक्कमुक्की के कारण बीजेपी विधायक मदन दिलावर, रामलाल शर्मा, चंद्रभान सिंह आक्या और अविनाश गहलोत को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया था।
राजीव गांधी स्टडी सर्कल पर भी आया चर्चा में
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पूरे राजस्थान में पेपर की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पास था। शिक्षा संकुल में ही रीट पेपर के समय राजीव गांधी स्टडी सर्कल के चुनिंदा लोगों को ही क्यों नियुक्त किए? इनमें से कुछ लोग पकड़े गए, उन पर केस हुए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस तरह के लोगों को किसके कहने से लगाया? इस प्रकार के घटिया लोगों को पेपर की सुरक्षा में लगाया गया। जब जांच होगी तो इन्हें लगवाने वालों की भी जांच होनी चाहिए, जिन्होंने लाखों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। इस बीच REET की सीबीआई जांच की मांग पर सदन में गतिरोध बरकरार है। तीन दिन से REET को लेकर जारी बीजेपी के विवाद के बीच सरकार की तरफ से सोमवार को सदन में जवाब आ सकता है।
