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REET परीक्षा प्रकरण : प्रबोधक से जिला शिक्षा अधिकारी तक जांच के दायरे में, पांच को किया सस्पेंड

REET परीक्षा प्रकरण : प्रबोधक से जिला शिक्षा अधिकारी तक जांच के दायरे में, पांच को किया सस्पेंड

जयपुर: REET 2021 परीक्षा प्रकरण में जैसे-जैसे धांधली की परतें खुल रही है, वैसे-वैसे शिक्षा विभाग की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। अब तक SOG की नजर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर पर थी लेकिन धीरे धीरे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से जुड़े शिक्षकों व अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है। एसओजी ने अपनी जांच में जिन-जिन टीचर्स को गिरफ्तार किया है या फिर पूछताछ के दायरे में ले रही है, उन सभी को सस्पेंड किया जा रहा है। अब तक पांच को सस्पेंड किया जा चुका है जबकि एक बड़े अधिकारी पर भी जल्द ही गाज गिर सकती है।

शिक्षा विभाग ने इनको किया सस्पेंड

शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को उदाराम बिश्नोई को सस्पेंड किया था। उदाराम पॉलिटिकल साइंस का लेक्चरर है और सांचोर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल कीलड़ा में कार्यरत था। उसे सस्पेंड करके मुख्यालय बीकानेर कर दिया गया है। इसके अलावा जालोर के भीनमाल में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल राह के पॉलिटिकल साइंस के लेक्चरर चुन्नीलाल बिश्नोई को भी सस्पेंड कर दिया गया है। चुन्नी लाल 27 नवम्बर से ही अपने कार्य स्थल पर अनुपस्थित है। पॉलिटिकल साइंस के ही एक अन्य लेक्चरार शैतान सिंह को सस्पेंड किया गया है। शैतान सिंह जालोर के सुराचंद (चितलवाना) के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में कार्यरत है। शैतान सिंह भी 27 नवम्बर से स्कूल नहीं आ रहा है।

बाडमेर के धोरीमन्ना के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल के लेवल वन के टीचर भंवरलाल बिश्नोई को भी सस्पेंड किया गया है। भंवरलाल पर 25 सितम्बर को कूटरचित दस्तावेज से आधार कार्ड और एडमिट कार्ड बनाने का आरोप है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा जालौर के भीनमाल में धर्माणियों की ढाणी में स्थित सरकारी अपर प्राइमरी स्कूल के प्रबोधक छत्तराराम पुरोहित को भी सस्पेंड किया गया है। वो भी 31 जनवरी से स्कूल से बिना सूचना अनुपस्थित है। एसओजी को उसकी भूमिका पर संदेह है।

जयपुर डीईओ से की पूछताछ

एसओजी ने जयपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) रविंद्र कुमार से भी पूछताछ की है। ऐसे में उनकी भूमिका संदिग्ध होने पर सस्पेंड किया जा सकता है। दरअसल, जिला शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई राज्य सरकार स्तर पर होती है। अब तक फौजदार के संबंध में कोई आदेश नहीं हुए हैं लेकिन एसओजी से पूछताछ के चलते कार्रवाई हो सकती है।

 

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